विवेक सिहं ब्यूरोचीफ
कानपुर
16/02/2016/मंगलवार
सुनामी एक्सप्रेस न्यूज

कानपुर । राजनीति चमकाने के लिए नेता अब एनकाउंटर में मारे जा चुके खूंखार डकैतों और माफिया डॉन का सहारा लेने लगे हैं। यकीन मानिए यूपी में कुछ ऐसा ही हो रहा है। दस्यु ‘सम्राट‘ ददुआ और उसकी पत्नी की फतेहपुर के धाता में मूर्ति स्थापित हुए 48 घंटे भी नहीं बीते कि एनकाउंटर में मारे जा चुके माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला की मूर्ति लगवाने का ऐलान हो गया। यह ऐलान किसी और ने नहीं बल्कि फतेहपुर के जहानाबाद सीट से बसपा के पूर्व विधायक आदित्य पांडेय ने किया। उन्होंने माफिया डॉन को ब्राम्हण शूरवीर की उपाधि देते हुए कहा कि मंदिर का निर्माण 2016 के अंत तक पूरा हो जाएगा। श्रीप्रकाश की मूर्ति भगवान परशुराम के बगल में स्थापित होगी।

बसपा के पूर्व विधायक आदित्य पांडेय का कहना है कि जब सूबे में खूंखार डकैत रहे शिवकुमार पटेल उर्फ ददुआ की मूर्ति स्थापित हो सकती है तो श्रीप्रकाश की क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि ददुआ से कम अपराध कम करने वाले श्रीप्रकाश की मूर्ति भी लगवाई जाएगी। पूर्व विधायक ने कहा कि अमौली ब्लाक के ग्रामसभा कौंह में भगवान परशुराम के भव्य मंदिर का निर्माण करवाया जा रहा है। यहां भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करने के साथ बगल में श्रीप्रकाश शुक्ला की भी मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। मूर्ति स्थापित करते समय श्रीप्रकाश के परिजनों को भी बुलाया जाएगा। उनका परिवार इस समय गोरखपुर में रहता है।

पूर्व विधायक ने श्रीप्रकाश के परिजनों को मूर्ति स्थापना के समय बुलाकर सम्मानित करने की भी बात कही। मालूम हो कि नब्बे के दशक में गोरखपुर के रहने वाले माफिया डॉन श्रीप्रकाश की तूती बोलती थी। यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह के मर्डर की सुपारी लेने के बाद श्रीप्रकाश के सफाए के लिए स्पेशल टॉस्क फोर्स का गठन किया गया। करीब दो दशक पहले एसटीएफ ने श्रीप्रकाश को एनकाउंटर में उस समय मार गिराया जब वह सिंगापुर भागने की फिराक में था। गौरतलब है कि खूंखा दस्यु सरदार रहे ददुआ और उसके पत्नी की मूर्ति को 48 घंटा पहले ही धाता ब्लाक में स्थापित करवाया गया है। समाज के कई वर्गों ने इसका प्रमुखता से विरोध किया तो गांव में भारी पुलिस बल तक तैनात करवा दिया गया।55a

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