पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेएनयू विवाद पर कहा कि कहा कि केंद्र सरकार लोगों को दिग्भ्रमित व वैचारिक स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी देश पर अपने विचार थोपने में लगी है। नीतीश आज जनता दरबार के बाद पत्रकारों से रूबरू थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय व प्रादेशिक मुद्दों पर बेबाक राय रखी।

नीतीश ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विवि (जेएनयू) में लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश हो रही है। वामपंथ की देशभक्ति पर सवाल उठाया जा रहा है। जेएनयू को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि अफजल की फांसी की बरसी के दिन जो लोग जेएनयू में देशविरोधी नारे लगा रहे थे, उनपर कार्रवाई हो, लेकिन कार्रवाई की आड़ में निर्दोष छात्रों को नहीं फंसाया जाए।

इस मामले में गिरफ्तार किए गए जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया व अन्य आरोपियों का समर्थन करते हुए नीतीश ने कहा, मेरा मानना है कि वे लोकतंत्र में आस्था रखने वाले युवा हैं। बगैर प्रमाण देश के बाहर की ताकतों के साथ उनका नाम जोड़ना गलत है। वामपंथ से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वे देशद्रोही नहीं हैं।

अफजल के समर्थन को लेकर उन्होंने बीजेपी पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। कहा कि राम माधव अफजल के समर्थन में उतरे जम्मू-कश्मीर के विधायकों से मिलते हैं, तो उनपर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है?

नीतीश ने कहा कि कोई भी देश पर अपना विचार नहीं थोप सकता। लेकिन, बीजेपी व आरएसएस ऐसा करना चाहते हैं। जो बीजेपी बोले वह देशभक्त, दूसरा कोई नहीं, ऐसा नहीं चलेगा।

नीतीश ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने इशरत को बिहार की बेटी कभी नहीं बताया, लेकिन ऐसी अफवाह उड़ाई गई। ऐसा करने वालों के खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।

महागठबंधन में शामिल राजद के विधायक राजबल्लभ यादव पर लगे दुष्कर्म के आरोप की बाबत नीतीश ने कहा कि बिहार में कानून का राज है। जो भी कानून तोड़ेगा, उसपर कार्रवाई होगी। यहां कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा।

बिहार की धरोहरों व प्राचीन परंपरा की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि यह प्राचीन इलाका है। मधुबनी में दो हजार साल पुराने अवशेष मिले हैं। तेलहारा में भी बिहार सरकार ने खुदाई कराई है। नालंदा में और नए अवशेष मिल सकते हैं। बिहार में इतिहास के और नए अध्याय खुल सकते हैं। सरकार इस दिशा में गंभीर है।7e0487c0-c368-4c82-801d-92a34fbc6d5d

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