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विवेक सिहं
सुनामी एक्सप्रेस न्यूज

कानपुर। अपराधी चाहे जितनी शातिराना अंदाज से घटना को अंजाम दें, लेकिन कानून के लम्बे हाथों में फंस ही जाता है। कुछ इस तरह का मामला कानपुर में देखने को मिला। एक सप्ताह पूर्व कचहरी के मुंशी ने चचेरे भाई को फंसाने के लिए जिला जज को धमकी भरा पत्र दिया। जिसमें दस लाख रुपये की मांग की, न देने पर बम से कार उड़ाने की धमकी दी। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश डाली और ब्लाइंड केस का खुलासा कर आरोपी को दबोच लिया।

कोतवाली थानेदार किशोर कुमार सिंह ने बताया कि नौ फरवरी को अपर न्यायाधीश द्वितीय कचहरी में लोगों की सुनवाई कर रहे थे। तभी मुंशी द्वारा उनके पास एक पत्र दिया। उन्होंने पत्र खोल के पढ़ा तो उनके होश उड़ गये। पत्र में 10 लाख रुपये की मांग न देने पर कार को बम से उड़ाने की धमकी दी। जिसके बाद न्यायधीश ने कोतवाली थानेदार व कचहरी चौकी इंचार्ज को बुलाया। उन्होंने पत्र सौंपकर कार्रवाहीं की बात कहीं। कोतवाली पुलिस
ने पत्र के अनुसार लिखे फोन नंबर व पता पर दबिश दी।

पुलिस बलिया निवासी सुरेश को पकड़ा और पूछतांछ शुरु कर दी। पुलिस के पास मिले पत्र को देखते ही सुरेश ने इस पत्र का लेख अपने चचेरे भाई सजेती निवासी कोटरा गांव राजकुमार का मिला। इस पर उसने बताया कि कुद दिन पहले जमीन पर कब्जे को हटवाने के लिए कहा। आरोप है कि राजकुमार ने तीन हजार रुपये लेकर जमीन खाली कराने की बात कहीं। मामला तय होने पर राजकुमार ने एक हजार रुपये लेकर जमीन का कब्जा हटवाया।

युवक के हटाने के बाद चचेरे भाई से बकाया पैसे की मांग की, लेकिन सुरेश द्वारा पैसा न देने पर उसे फसाने के लिए राजकुमार ने जिला जज को धमकी भरा पत्र दिया है। सुरेश ने पुलिस को बताया कि राजकुमार कचहरी में मंुशी का काम करता है। सुरेश की मदद से पुलिस ने
बाबूपुरवा बगाही भटटा के पास राजकुमार को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।

एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि पकड़े गये अभियुक्त ने अपना गुनाह कबूल किया है और चचेरे भाई सुरेश व घाटमपुर कटरी गांव निवासी विजय को फंसाने के लिए मंुशी ने जज को धमकी भरा पत्र दिया था। फिलहा अभियुक्त के खिलाफ कार्रवाहीं कर जेल भेजा जा रहा है।

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