एक उपभोक्ता अदालत ने यहां रेलवे को उस व्यक्ति को 13 हजार रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे वर्ष 2012 में दूरंतो एक्सप्रेस के एक एसी कोच में मुंबई से एर्नाकुलम जाते वक्त एक चूहे ने काट लिया था।

वाक्षूर के रहने वाले बुश सीजे ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि जब उसने ट्रेन के थर्ड एसी डिब्बे में चूहे के काटने पर चिकित्सकीय सहायता मांगने पर एर्नाकुलम और कोट्टायम रेलवे स्टेशनों के रेलवे अधिकारियों ने उसका इलाज नहीं कराया।

उन्होंने कहा कि यह घटना 11 मार्च 2012 को सुबह करीब चार बजे की है, जब वह सो रहा था। उन्होंने कहा कि चूहे के काटने पर वह उठा।

उपभोक्ता विवाद निपटारा मंच ने रेलवे अधिकारियों की यह दलील खारिज कर दी कि बुश ने उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी और चोट ट्रेन में नहीं लगी।

उन्होंने कहा कि रेलवे को इलाज खर्च सहित 10 हजार रुपए के मुआवजे और बुश के अदालती खर्च के लिए तीन हजार रुपए के भुगतान का आदेश दिया गया।rat-17-02-2016-1455685813_storyimage

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