(आशुतोष तिवारी )sadar_hospital_gopalganj

गोपालगंज।बिहार सरकार के स्वास्थ मंत्री के गृह जिले गोपालगंज के ब्लड बैंक खून कि कमी से खुद ही तोड़ रहा है अपना दम , बात अभी कुछ दिन पहले की ही है। शहर के हजियापुर ेकी शांति देवी को ब्लड की जरुरत थी। ये ब्लड के लिए सदर अस्पताल परिसर में स्थित ब्लड बैंक में पहुंची तो टका सा जबाव दे दिया गया कि रक्त नहीं है। हालांकि बाद में ब्लड बैंक के पास ही मंडरा रहे दलालों ने पैसा लेकर रक्त उपलब्ध करा दिया। वैसे रक्त के लिए ब्लड बैंक पहुंची शांति देवी को ही निराश नहीं होना पड़ा था। खून के लिए ब्लड बैंक आने वाले अधिकांश मरीजों को यहां से रक्त नहीं मिल पाता है। ऐसी स्थिति से मरीज से लेकर ब्लड बैंक के कर्मी परेशान हैं। लेकिन ब्लड के लिए भटक रहे अपने परिजनों के लिए भी लोग रक्तदान करने से परहेज कर रहे हैं। रक्तदान के प्रति लोगों की उदासीनता से ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी है। यहां कई ग्रुप का ब्लड महीनों से नहीं है। ऐसे में रक्त के लिए ब्लड बैंक पहुंचने वाले लोग वहां पर मंडराने वाले दलालों के चंगुल में आसानी से फंस जा रहे हैं। दलाल मोटी रकम लेकर बाहर से लाकर रक्त उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं। हालांकि ये दलाल कहां से रक्त की बोतलें लाते हैं, इसके बारे में भी किसी को पता नहीं है , एक तरफ बिहार सारकार जहा स्वास्थ सुधार विभाग में सुधार लाने के लिए कई अथक प्रयास करने में जुटी हुई है वही बिहार सरकार के स्वास्थ मंत्री तेजप्रताप यादव के गृह जिले के सदर अस्पताल ब्लड बैंक में खून कि कमी से खुद अपना दम तोड़ रहा है , जिस दिन मंत्री महोदय आये थे उस दिन तो जिले कि अधिकारियो द्वारा स्वास्थ केन्द्रों पर पूरी अच्छी ब्यवस्था कि गयी थी , जगह – जगह डिस्प्ले बोर्ड लगाकर स्वास्थ विभाग को अच्छा दिखाने का प्रयास जारी था लेकिन उनके जाते ही ये सारा व्यवस्था सिर्फ एक दिखावा मात्र साबित होकर रह गया , जिले के गरीब जानता उस दिन कि जब व्यवस्था देखी तो कहती थी कि काश मंत्री जी रोज आते और  गरीबो बेहतर इलाज होता . आखिर जिले को लोगो को स्वास्थ विभाग के दलालों से कब मुक्ति मिलेगी यह सवाल आज जिले के लोग सदर अस्पताल प्रबंधन से कर रहे है

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