जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में कल पटियाला हाउस कोर्ट में हुए जबरदस्त विरोध और हिंसा के बाद कन्हैया को तिहाड़ जेल 2 मार्च तक भेज दिया गया। अब तमाम मीडिया सोर्स ये बता रहे हैं कि कन्हैया को तिहाड़ जेल की उसी सेल में रखा गया है जहां कभी अफजल गुरु को रखा गया था। यही नहीं कन्हैया पर हर वक्त निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी भी लगाया गया है।

वकीलों का उत्पाद, सुप्रीम कोर्ट की दखल
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान वकीलों ने फिर उत्पात मचाया। धक्का-मुक्की के बीच पुलिसकर्मी बड़ी मुश्किल से कन्हैया को वकीलों से बचा पाए। हालात बिगड़ते देख सुप्रीम कोर्ट को निचली अदालत में कार्यवाही रोकने का आदेश देना पड़ा।

पत्रकारों से हाथापाई :
वकीलों नेकोर्ट में कई पत्रकारों के साथ हाथापाई की। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट की विशेष टीम में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी भद्दी गालियां दीं और उन पर पत्थर फेंके गए। कन्हैया की पिछली पेशी पर भी वकीलों ने ऐसा ही बवाल किया था।

दो मार्च तक जेल :
इस बीच, पांच दिन की पुलिस रिमांड के बाद अदालत ने कन्हैया को 2 मार्च तक के लिए जेल भेज दिया। दूसरी ओर पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा है कि पुलिस कन्हैया की जमानत का विरोध नहीं करेगी। इससे जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

पिछले गेट से निकाला गया :
कन्हैया को कोर्ट से बाहर निकालने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उसे सुनवाई के बाद भी तीन घंटे तक कोर्ट में ही रखा गया। दरअसल ,100 से ज्यादा वकील रास्ते में खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे। इसे देखते हुए पुलिस कन्हैया को पटियाला हाउस कोर्ट के पिछले दरवाजे से निकालकर तिहाड़ जेल ले गई। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट में ही उसका मेडिकल टेस्ट कराया गया।

सरकार-कोर्ट सख्त :
अदालत में हुए बवाल पर केंद्र सरकार के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्ती दिखाते हुए पुलिस से जवाब मांगा है। उधर, पुलिस आयुक्त ने कहा कि हंगामा करने वाले वकीलों की पहचान कर ली गई है। उन्हें समन भेजा गया है। भाजपा विधायक ओपी शर्मा से भी कोर्ट के बाहर पिटाई के मामले में पूछताछ की जाएगी।

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