एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कंपनियों के कर्मचारियों को इस साल औसतन केवल 10.3 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिलने की संभावना है। पिछले साल यह वृद्धि 10.6 प्रतिशत रही थी।

मानव संसाधन परामर्श फर्म एयोन हेविट ने एक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला है। इसके अनुसार कंपनियों ने सतर्क रुख अपनाया है और वे वरीयता के आधार पर बढ़ोतरी पर अधिक ध्यान दे रही हैं।

इसके अनुसार वेतन वृद्धि के लिहाज से भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है लेकिन भारत और चीन ही केवल दो देश हैं जिन्होंने वेतन वृद्धि में मामूली गिरावट की सूचना दी है।

इसके अनुसार वर्ष 2012 से ही भारत में आम वेतन रुख में यथास्थिति का रुख बना हुआ है क्योंकि औसत वेतन वृद्धि 10 प्रतिशत के स्तर के आस-पास बनी है।

एयोन हेविट का सैलरी इन्क्रीज सर्वे बुधवार को यहां जारी किया गया। इसमें 700 कंपनयिों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।

एयोन हेविट के इंडिया पार्टनर आनंदरूप घोष ने कहा कि उक्त आंकड़े इस तथ्य को सामने रखते हैं कि संगठन परिपक्व हो रहे हैं और कंपनियां अपने वेतन बजट में लगातार वृद्धि पर काबू पाने के लिए स्पष्ट कदम उठा रही हैं।

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