बेंगलुरु: हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल इस साल के आखिर में देसी ड्रोन ‘निशांत’ के 18 UAV की खेप गृह मंत्रालय को सौंप देगा। बेंगलुरु में चल रहे एयरो शो के दौरान एचएएल अध्यक्ष टी स्वर्णा राजू ने यह जानकारी दी।

गृह मंत्रालय इन ड्रोन्स को उत्तर-पूर्वी राज्यों, सीमा, समंदर और नक्सली ऑपरेशन में इस्तेमाल के लिए बीएसएफ, कोस्ट गार्ड और अन्य अर्धसैनिक बलों को देगा। नाइट विज़न से लैस 45 किलो वज़न के निशांत को DRDO ने विकसित किया है।

प्रक्षेपास्त्रों से लैस होने पर ‘निशांत’ 150 किलोमीटर की रफ्तार से लगभग 3600 फ़ीट ऊंचाई से साढ़े चार घंटे तक उड़ान भर सकता है। ‘निशांत’ के अलावा एचएएल ड्रोन के छोटे वैरिएंट्स पर भी काम कर रहा है। इसमें एक माइक्रो वैरिएंट शामिल है, जो कि 2 से 3 किलो वज़न का होगा।

इसके साथ-साथ 8 से 10 किलो वज़न के वैरिएंट्स पर भी काम चल रहा है और दोनों ही तरह के ड्रोन्स भी इस साल के आखिर में परीक्षण के लिए तैयार हो जाएंगे। कुछ विदेशी कंपनियां भी एचएएल के साथ ड्रोन बनाना चाहती हैं। हालांकि एचएएल चेयरमैन ने यह नहीं बताया कि वे किन देशों की कंपनियां हैं।

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