नई दिल्ली। दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्ट फोन ‘फ्रीडम 251’ गुरुवार को बुकिंग शुरू होते ही सवालों के घेरे में आ गया है। सोशल मीडिया में इसे ठगी बताया जाने लगा है। हालांकि गुरूवार को सर्वर पर ओवरलोड बढ़ गया था और साइट 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई थी लेकिन आज फिर से कंपनी की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू हो गई है।

भाजपा नेता किरिट सोमैया ने इस मामले को लेकर आज कहा कि ये एक बड़ा घोटाला है इसलिए वो कंपनी के सभी कागजों की जांच कर रहे हैं। सोमैया के कहा कि उन्होंने सप्रंग सरकार को इस कंपनी की सच्चाई पता लगाने के लिए कहा था। सोमैया के मुताबिक ये एक फर्जी कंपनी द्वारा किया गया घोटाला है।
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इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) का कहना है सबसिडी पर भी यह 3500 रुपए से कम में बेचा ही नहीं जा सकता। संगठन ने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। उधर, एक चैनल ने प़़डताल की तो कंपनी ने जो उत्तरप्रदेश के शामली का पता दिया है, वहां एक किराना दुकान निकली।
फ्रॉड की आशंका किरीट सोमैया भाजपा सांसद किरीट सोमैया का कहना है कि इसमें फ्रॉड की आशंका है। मात्र 3 माह पहले कंपनी रजिस्टर्ड हुई है। उसकी आरंभिक अंश पूंजी मात्र 50-60 लाख रुपए है। मुझे लगता है कंपनी जनता से पैसा लेकर भाग जाएगी।

कंपनी के दावे

1. ‘फ्रीडम 251’ की लागत 2500 रुपये है पर 251 रुपए में बेचेंगे। इसके लिए कोई सरकारी सब्सिडी नहीं मिल रही।
2. उत्पादन से कम लागत आएगी। करों में छूट से कीमत में 20 से 30 फीसदी घटेगी।
3.जीएसटी लागू होने से भी 13.8 फीसदी व मेक इन इंडिया से 400 रुपये कम हो जाएंगे।
4. ऑनलाइन बेचकर भी कंपनी 500 रूपये तक बचाएगी। खुद के ऑनलाइन चैनल से 35 फीसदी और लागत घटेगी। (रिंगिंग बेल्स के चेयरमैन अशोक चड्ढा के अनुसार)।
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आईसीए के सवाल भी अहम

1. सबसे सस्ती सप्लाई चेन से सामान मंगाकर इसे बेचा जाए तो भी यह 40 डॉलर ([2700 र.)] में नहीं प़़डता है।
2. कर व शुल्क, वितरण लागत, मुनाफा जो़ड़ने के बाद यह 4100 रपए से कम में नहीं बेचा जा सकता।
3. यदि इसे सब्सि़डी पर बेचा जाए तो भी 3500 से 3800 रपए से कम में नहीं बेचा जा सकता।
4. फ्रीडम 251 पर कोई सब्सिडी नहीं है, तो फिर यह इतना सस्ता कैसे बेच सकते हैं। (आईसीए के अध्यक्ष पंकज महिन्द्रू के अनुसार)]
कम से कम आठ गुना होगी कीमत
कुछ वर्ष पहले सरकार को सस्ते आकाश टैबलेट (2380 रपए में) की सप्लाई करने वाले डाटाविंड के सीईओ सुनित सिंह तूली का कहना है कि बताई गई विशेषषताओं वाला यह 3जी उपकरण ऑफर से कम से कम आठ गुना कीमत (2000) पर ही बेचा जा सकता है। बता दें कि ऐसा ही एक प्रयोग डेटाविंड कंपनी ने आकाश टैबलेट के लिए किया था, जो फ्लॉप साबित हुआ। पांच माह पहले बनी कंपनी एमआईटी यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट मोहित कुमार गोयल ने रिंगिंग बेल्स की स्थापना पांच माह पहले की है। कंपनी ने इसके पहले 2999 रपए में 4 जी मोबाइल लांच किया था। कंपनी ने कहा है कि वह 250–250 करो़ड की लागत से नोएडा व उत्तरांचल में दो मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इनकी क्षमता 5 लाख फोन हर माह होगी।

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