भारत को पेशेवर मुक्केबाजी को बढ़ावा देने की कवायद में डब्ल्यूबीए ने भारतीय मुक्केबाजी परिषद के तत्वावधान में गुरुवार को पहली पेशेवर फाइट को मंजूरी दे दी।

छह मुकाबले सिरी फोर्ट खेल परिसर में होंगे जिसमें राष्ट्रीय स्तर के भारतीय मुक्केबाज भाग लेंगे। विश्व मुक्केबाजी संघ (डब्ल्यूबीए) के अधिकारियों की निगरानी में ये मुकाबले खेले जायेंगे। डब्ल्यूबीए चार अंतरराष्ट्रीय महासंघों में से है जो पेशेवर मुक्केबाजी में टाइटल मुकाबले को मंजूरी देता है।

चार दौर के मुकाबले में सिद्धार्थ वर्मा (सुपर वेल्टरवेट), सुखविंदर (क्रूसरवेट), मनोज ग्रेवाल (हैवीवेट), सुमित रांगी (हैवीवेट) भाग लेंगे।

डब्ल्यूबीए के क्षेत्रीय विकास सलाहकार स्टानले क्रिस्टोडोलू ने कहा कि भारत पेशेवर सर्किट में बहुत प्रगति करेगा। आईबीसी जिस तरह से पेशेवर मुक्केबाजी को बढ़ावा दे रहा है, हम उससे काफी प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि यह भारत को पेशेवर मुक्केबाजी में महाशक्ति बनाने की दिशा में पहला कदम है। हम आईबीसी को तकनीकी मार्गदर्शन के जरिये सहयोग देते रहेंगे। उम्मीद है कि इन मुकाबलों से भविष्य के लिए विश्व चैम्पियन निकलेंगे।

डब्ल्यूबीए के दल में यूरोपीय समन्वयक मरियाना बोरिसोवा और मेडिकल आयोग के सदस्य डॉक्टर जॉन हार्टले फ्लेमिंग शामिल थे जिन्होंने आईबीसी के तकनीकी अधिकारियों के लिए एक सेमिनार भी किया।

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