भारत से नेपाल को 80 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शनिवार से शुरू हो जाएगी। पीएम नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली आज दोपहर हैदराबाद हाउस में अपनी द्विपक्षीय शिखर बैठक में रिमोट कंट्रोल के माध्यम से 140 किलोमीटर लंबी मुज़फ्फरपुर- ढलकेबार पारेषण लाइन का उद्घाटन करेंगे।

इस लाइन के माध्यम से 80 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी, जिससे पूर्वी नेपाल में विद्युत की कमी काफी हद तक पूरी हो सकेगी। यह पारेषण लाइन 400 किलोवाट क्षमता की होगी। वर्तमान में यह 132 किलोवाट की क्षमता पर काम कर रही है।

अगले छह माह में इसका उन्नयन 220 किलोवाट क्षमता तक किया जाएगा। इससे नेपाल को 200 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। पारेषण लाइन के अगले साल सितंबर तक 400 किलोवाट क्षमता तक हो जाने पर 600 मेगावाट बिजली दी जा सकेगी।

हाल ही में नेपाल विद्युत प्राधिकरण और एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम के बीच नेपाल को विद्युत विक्रय का एक करार हुआ है जिसके अनुसार भारतीय मुद्रा में 3.44 रुपए यानी नेपाली मुद्रा में 5.5०4 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली देगा।

इस समय नेपाल में बिजली की भारी किल्लत है। सर्दियों के कारण नदियों में जलप्रवाह कम होने से जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादन बहुत कम हो रहा है। राजधानी काठमांडू में भी 14 घंटे तक की बिजली की कटौती हो रही है।

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