मनी प्लांट शुक्र ग्रह का कारक है। घर में लगाने से पति-पत्नी के संबंध मधुर होते हैं। और घर में धन का आगमन व सुख-समृद्धि में इजाफा होता है। मनी प्‍लांट को घर,बगीचे व केवल पानी में भी लगाया जा सकता है, लेकिन अनेक बार मनी प्लांट को लगाने के बाद भी धनागमन में कोई अंतर नहीं होता है, तो इसके अनेक कारण है।

0 मनी प्लांट की सूखी हुई पत्तियों को तुरंत हटा देना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, व यह मानसिक/धन परेशानी देता है.

0 मनी प्लांट का पौधा लगाने के लिए आग्नेय दिशा यानी दक्षिण-पूर्व को उत्तम माना गया है। आग्नेय दिशा के देवता गणेश जी हैं और प्रतिनिधि ग्रह शुक्र है। गणेश जी अमंगल का नाश करते हैं और शुक्र सुख-समृद्धि का कारक होता है। बेल और लता का कारक शुक्र होता है इसलिए आग्नेय दिशा में मनी प्लांट लगाने इस दिशा सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होता है।

0 मनी प्लांट के लिए सबसे नकारात्मक दिशा ईशान यानी उत्तर पूर्व को माना गया है। इस दिशा में मनी प्लांट लगाने पर धन वृद्धि की बजाय आर्थिक नुकसान हो सकता है। ईशान का प्रतिनिधि ग्रह बृहस्पति है। शुक्र और बृहस्पति में शत्रुवत संबंध होता है क्योंकि एक राक्षस के गुरू हैं तो दूसरे देवताओं के गुरू। शुक्र से संबंधित चीज इस दिशा में होने पर हानि होती है। अन्य दिशाओं में मनी प्लांट का पौधा लगाने पर इसका प्रभाव कम हो जाता है।

0 मनी प्लांट का पौधा हमेशा ऊपर की ओर चढ़ाना चाहिए. जमीन पर फैलती बेल से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है. और घर मे क्लेष कराती है।

 

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