जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में तिहाड़ जेल में बंद छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार भले ही केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की नजर में बहुत बड़ा दोषी हो लेकिन सोशल मीडिया और विदेशी संस्थाओं ने उसे हीरो बना दिया है। सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से कन्हैया टॉप ट्रेंड में है जबकि कई विदेशी अखबारों ने कन्हैया की खबरों को अपने अखबार में जगह दिया है।

सोशल मीडिया पर कन्हैया के नाम के कई हैंडलर अचानक पिछले दिनों में एक्टिव हो गए हैं। इन सभी ट्विटर अकाउंट से लगातार कन्हैया के पक्ष में और सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। इन अकाउंट्स के फॉलोवर भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

सहाराश्री जिस सेल में रहे उसमें है कन्हैया

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह मामले में गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल में रखा गया है। जेल सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि कन्हैया को जेल नंबर 3 के आइसोलेशन सेल में रखा गया है। ये वही जेल है जहां कभी सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रतो राय को रखा गया था।

सूत्रों के मुताबिक जेल में उसे जहां रखा गया है उसमें लगा हुआ ट्वाएलेट, बाथरूम और टीवी का भी प्रबंध है। जेल कर्मी उस पर लगातार नजर रखे हुए हैं क्योंकि सुपीम कोर्ट ने विशेषकर कन्हैया को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था।

ह्यूमेन राइट वॉच ने भारत से कहा, कन्हैया से वापस हो देशद्रोह का मुकदमा

अमेरिका की प्रमुख मानवाधिकार संस्था ह्यूमेन राइट वाच ने भारत सरकार से कहा है कि उसे जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया पर चल रहे देशद्रोह का मामला वापस ले लेना चाहिए। संस्था ने भारतीय अधिकारियों से कहा कि कन्हैया शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, उस पर देशद्रोह का मुकदमा दायर करना गलत है।

संस्था ने कहा कि उस पर इस तरह के मामले दर्ज करना अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है। इसके अलावा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने कोर्ट परिसर के अंदर उस पर हमला किया। ह्यूमेन राइट वाच की दक्षिण भारतीय निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शांतिपूर्ण भाषण देने वालों को दंडित करने में ज्यादा रुचि दिखा रही है जबकि राष्ट्रीयता के नाम पर हिंसा फैलाने वालों की जांच नहीं कराना चाहती।

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