हरियाणा में जाट आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है, जिसका सबसे अधिक असर रोहतक जिले में देखा जा रहा है। यहां स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सेना की तैनाती हेलीकॉप्टरों के जरिये की गई है, क्योंकि आंदोलनकारियों ने सेना के जवानों के प्रवेश से संबंधित सभी सड़क मार्गों को बंद कर रखा है।

शहर में शुक्रवार रात भी लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुई। अनियंत्रित भीड़ ने मॉल, दुकानों और अन्य इमारतों को निशाना बनाया और इनमें से कई को आग के हवाले कर दिया। सड़कों पर नाकेबंदी के कारण सेना की तैनाती वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिये की गई। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने कई खेप में जवानों को रोहतक के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया। वायुसेना के हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन्स परिसर में उतरे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘करीब 20-30 जवानों को हेलीकॉप्टरों से रोहतक लाया गया है। उन्हें उन इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां जाट प्रदर्शनकारियों का सर्वाधिक प्रभाव है।’’

रोहतक और भिवानी में शुक्रवार शाम कफ्र्यू लगा दिया गया और प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मार देने का आदेश दिया है। एक सप्ताह पहले शुरू हुए आंदोलन ने शुक्रवार को और भी उग्र रूप ले लिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और सुरक्षा बल के जवानों सहित 10 से अधिक लोग घायल हो गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा के आठ जिलों- रोहतक, भिवानी, झज्जर, सोनीपत, हिसार, पानीपत, जिंद और कैथल जिलों में सेना बुलाई गई है। जाट समुदाय के लोग सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

जींद में रेलवे स्टेशन में लगाई गई आग

आरक्षण की मांग को लेकर जाट आंदोलन जारी है और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने आज जींद जिले में बूढ़ा खेड़ा रेलवे स्टेशन में आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि रेलवे स्टेशन में आग लगाने पर फर्नीचर, रिकॉर्ड रूम और अन्य सामान जल गया। यह स्टेशन जींद पानीपत रेल प्रखंड में आता है। जींद आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे जाट आंदोलन से बुरी तरह प्रभावित जिलों में से एक है।

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