विवेक सिहं कानपुर

कानपुर। शहर सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ शहरवासी कभी लापता होने के पोस्टर लगाते हैं तो कभी चैराहों पर यज्ञ किया जाता है। लेकिन जोशी हैं कि शहरवासयों का दर्द सुनने को तैयार ही नहीं। सांसद बनने के बाद अब तक लगभग 11 बार शहर तो आएं लेकिन जनता से मिलने का जो उनका तरीका रहा। उससे शहरवासियों का सांसद के प्रति आक्रोश बढ़ ही रहा है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व शहर सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी के प्रति शहरवासियों के स्वर प्रतिदिन मुखर होते जा रहें है। उनकी शहर से दूरियां बनाए रखने पर  मतदाता अब पश्चाताप कर रहा है। काकादेव निवासी अशोक चटर्जी का कहना है कि तीन बार श्रीप्रकाश जायसवाल के पक्ष में मतदान किया और वह सदैव जनता की समस्याओं से रूबरू होते रहें। लेकिन इस बार मोदी के पक्ष में मतदान करना भारी पड़ रहा है। सिविल लाइन के रहने वाले बुजुर्ग व्यवसाई राधेश्याम गुप्त ने बताया कि शहर का दुर्भाग्य है कि ऐसे जनप्रतिनिधि को चुना जो जनता के साथ प्रशासनिक अफसर सरीखे व्यवहार करते हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी ने बताया कि सांसद समय-समय पर आते रहते हैं। उनके न रहने पर प्रतिनिध द्वारा जनता की समस्याओं का निराकरण किया जाता है। बाहरी का दर्द शहरवासियों को अब यह दर्द सता रहा है कि काश किसी शहरवासी का चयन किया जाता तो बेहतर होता। बताते चलें कि सांसद जोशी मूलरूप से इलाहाबाद के रहने वाले हैं। चुनाव जीतने के बाद आज तक शहर में उन्होंने कभी अपना स्थाई निवास नहीं बना पाएं हैं। जिस जगह का पता भी दिया गया है तो वहां पर शहर आने के बाद शायद ही सांसद पंहुच पाते हों।

राजनेता भी नाखुश

विपक्षी पार्टियों के नेता तो सांसद से नाखुश है ही साथ ही दबे जुबान भाजपा के भी नेता सांसद के रवैए से नाखुश हैं। सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्र यादव का कहना है कि जोशी जी बड़े नेता हैं। इस बार यहां से टिकट मिली है अगली बार किसी दूसरी जगह से चुनाव लड़ जाएगें। उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन इसमें सबसे ज्यादा शहरवासियों का नुकसान हो रहा है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि सांसद जोशी का राजनीतिक कैरियर खत्म हो चुका है। इसीलिए जनता के साथ ऐसा बर्ताव कर रहें हैं। बसपा जिलाध्यक्ष आर.के. भाष्कर का कहना है कि जोशी पद की गरिमा की तौहीन कर रहें हैं।

अधिवक्ताओं का कहना

बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नरेश चन्द्र त्रिपाठी का कहना है कि शहरवासियों ने उनकी योग्यता को देखते हुए चुना था। लेकिन डा. जोशी ने अपनी योग्यता के आगे जनता को मूर्ख समझ लिया। अधिवक्ता विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि कानपुर संसदीय क्षेत्र के इतिहास में में ऐसा कोईजनप्रतिनिधि नहीं हुआ जो जनता से इतनी दूरयिां बनाया हो।b3bb206d-891a-4962-b820-03740d15ff1a

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