खास रिपोट
विवेक सिहं जोनल ब्यूरोचीफ

सुनामी एक्सप्रेस न्यूज कानपुर

यूपी / उन्नाव : अतुल्य भारत की  एक ऐसी अनोखी और सच्ची कहानी जिसे पढकर आप भी हैरान रह जायेंगे और ग्रंथो में लिखी बातों पर विश्वाश करेंगे |

उत्तरप्रदेश के उन्नाव शहर से २० किलोमीटर दूर एक गॉव है पासीखेड़ा जहां पर तकरीबन 1000 वर्ष पुराना एक बरगद का पेड़ है जिसे वहां के ग्रामीणों ने उस स्थान का नाम बड़े बाबा रखा हुआ है | एक बीघे के क्षेत्रफल में फैले इस पेड़ से सूरज की किरने भी उसके क्षेत्रफल में आने की इजाजत मांगती है | बड़े बाबा के पास स्थित तालाब स्थल को और भी  शोभनीय बनाता है |

तनों ने लिया पेड़ो का रूप

जैसा की हम जानते है की बरगद के पेड़ से तने ( जटाएं) निकला करती है | पासीखेड़ा के इस पेड़ की उम्र का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बरगद के पेड़ो से निकले तनों ने पेड़ों का रूप ले लिया है और साथ ही एक बीघे में फैलाव कर रखा है | जिससे इसकी उम्र 1000 वर्ष आंकी जा सकती है |

बड़े बाबा करते है मनोकामना पूर्ण

1000 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ की महिमा का गुणगान दूरदराज के शहरों में भी है | बड़े बाबा पर आस्था रखने वाले रमेश के अनुसार यहां पर मनौती मांगने वाला कभी खाली हाथ नही जाता है | रमेश  के अनुसार यहां पर हर दिन सैकड़ो भक्त दर्शन के लिए आते है और मनोकामना पूर्ण होने पर वृक्ष पर घंटा बांध देते है |

मुंबई से आता है एक परिवार

बड़े बाबा के स्थान पर मुंबई से एक परिवार आता है जो हर साल यहां पर मुंबई से आकर भंडारे का आयोजन करता है | ग्रामीणों के अनुसार उनकी पुत्र प्राप्ति की मनोकामना बड़े बाबा ने पूर्ण की थी जिसके बाद से हर साल वो परिवार बाबा के दर्शन करने आता है |

क्या कहता है विज्ञान

वैज्ञानिकों के अनुसार बरगद का पेड़ 24 घंटे हमे प्राणवायु ( ऑक्सीजन ) देता है| और बाकि पेड़ो में ये गुण नही पाए जाते है |d227cef7-95c7-4f57-b402-bb968ad4c8a9

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