देशद्रोह के एक मामले में गिरफ्तार पटेल आरक्षण आंदोलन नेता हार्दिक पटेल की जमानत याचिका पर यहां की एक सत्र अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एनजी दवे आठ मार्च को फैसला सुना सकते हैं।

सूरत के जेल (देशद्रोह के एक अन्य मामले में गिरफ्तार) में इस समय बंद हार्दिक ने जनवरी में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की थी और दावा किया था कि उनके खिलाफ गलत तरीके से देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।

अपराध शाखा ने उनकी याचिका का विरोध किया और कहा कि अगर उन्हें रिहा किया जाता है तो 22 वर्षीय नेता वैसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं और सबूत से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

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