आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी को लेकर टूर्नामेंट के टाइटल प्रायोजन से हटने वाले पेप्सी ने एक बार फिर बीसीसीआई का दामन थाम लिया है और उसके साथ चार साल का प्रायोजन करार किया है।

पेप्सीको इंडिया के अध्यक्ष एवं सीईओ डी शिव कुमार और बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को  एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस करार की घोषणा की। शिव ने इस अवसर पर कहा कि जब हमने आईपीएल का साथ छोड़ा था तो मैंने कहा था कि हम आईपीएल से हट रहे हैं लेकिन बीसीसीआई के साथ बने रहेंगे। हमारा यह चार साल का करार इस बार फिर बीसीसीआई के साथ है।

यह पूछने पर कि आईपीएल छोड़ने और अब बीसीसीआई से जुड़ने के बीच ऐसा क्या हुआ कि उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा, शिव कुमार ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम बीसीसीआई से कभी नहीं हटे और हम अगले चार साल तक बीसीसीआई के साथ भारत में होने वाले टेस्ट, वनडे और ट्वेंटी 20 मैचों के लिए ग्राउंड प्रायोजक रहेंगे। इसके अलावा गेटोरेट भारतीय खिलाड़ियों के लिए एनर्जी ड्रिंक रहेगा।

ठाकुर ने कहा कि एक तरफ हमारा ध्यान लोढा समिति की रिपोर्ट को लेकर सर्वोच्च अदालत में चल रही कार्रवाई पर लगा हुआ है और दूसरी तरफ हमें खुशी है कि एक दशक से अधिक समय तक हमारा पार्टनर रहा पेप्सी वापस हमारे साथ जुड़ गया है। हम पेप्सी की वापसी का स्वागत करते हैं।

बीसीसीआई सचिव ने कहा कि हमारे पास टाइटल प्रायोजक है। हमें तीन सहायक प्रायोजक भी ढूंढने हैं और पेप्सी हमारे साथ सहायक प्रायोजक के रूप में जुड़ गया है। हमें अपने राजस्व का भी ध्यान रखना है। इस करार से हमें लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपए मिलेंगे।

ठाकुर ने सुप्रीमकोर्ट में चल रहे मामले पर कहा कि यह मामला अदालत के विचाराधीन है। हमारे वकील कोर्ट में है, इसलिए प्रेस कांफ्रेंस में मेरे लिए अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा। लोढा समिति को लेकर हमें जो आपत्ति थी वह हमने सर्वोच्च अदालत में रख दी है।

भारत को इस साल बाद में बांग्लादेश की मेजबानी करनी है जिसके साथ अंतरराष्ट्रीय सत्र और पेप्सी के साथ बीसीसीआई की फिर से हुई भागीदारी करने का नया दौर शुरू हो जाएगा।

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