ईडब्ल्यूएस वर्ग के तहत नर्सरी में प्रवेश चाहने वाले जिन बच्चों को पूर्वोत्तर दिल्ली का ईस्ट प्वाइंट स्कूल आवंटित हुआ है, उन बच्चों के अभिभावक परेशान हैं क्योंकि स्कूल अब सीटें भरने की बात कह रहा है।

इस स्कूल ने अपने यहां उपलब्ध सीटों की संख्या का सही ब्योरा शिक्षा निदेशालय को नहीं दिया था। शिक्षा निदेशक पदमिनी सिंगला ने बताया कि हमने सभी स्कूलों से नर्सरी और केजी में उपलब्ध सीटों की जानकारी मांगी थी। वसुंधरा एंकलेव के द ईस्ट प्वाइंट स्कूल ने खाली सीटों के बजाय कुल सीट की जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया कि दिखाई गई सीटों की संख्या उपलब्ध सीटों से ज्यादा थी, इसलिए कंप्यूटर से निकाले गए ड्रॉ में ज्यादा विद्यार्थियों को स्कूल का आवंटन कर दिया गया। यह मामला हमारे संज्ञान में लाया गया है और इसके लिए उपाय किए जा रहे हैं।

सिंगला ने बताया कि पहली सूची के प्रवेश पूरे हो जाने के बाद, हम दूरी के आधार पर छात्रों की प्राथमिकता सूची को देखते हुए उन्हें प्रवेश देंगे। यही बात अब अभिभावकों को परेशान कर रही है। उधर, स्कूल प्रशासन अभिभावकों से कह रहा है कि उनके यहां सीटें भर चुकी हैं। सोनपाल के बेटे को केजी में दाखिले के लिए यह स्कूल आवंटित हुआ था।

सोनपाल ने बताया कि मैं 10 दिन से स्कूल जा रहा हूं और हमें सीट भर जाने की बात कहकर गेट से ही वापस भेज दिया जाता है। स्कूल के बाहर इसी परेशानी से जूझ रहे अभिभावकों की लाइन लगी रहती है।

ईडब्ल्यूएस वर्ग में 18 मार्च तक मिलेगा दाखिला
शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों को जारी एक सर्कुलर के मुताबिक ईडब्ल्यूएस दाखिले के लिए 29 फरवरी तक समय दिए जाने के बाद भी अधिकतर गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूल ड्रॉ के माध्यम से चुने गए बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। इसी को देखते हुए अब प्रवेश देने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 18 मार्च कर दी गई है। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 18 मार्च तक प्रक्रिया को पूरा कर लें।

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