केंद्र सरकार अन्य बैंक के एटीएम से निकासी में निर्धारित सीमा पर लगने वाले शुल्क को खत्म करने की तैयारी में है। बैंकिंग सेवा और सुविधा के विस्तार के लिए वित्त मंत्रालय के साथ आरबीआई का विचार-विमर्श जारी है। यह जल्द निर्णायक स्तर पर पहुंचेगी।

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक आरबीआई से पेशकश की गई है कि निर्धारित संख्या के बाद अन्य बैंक के एटीएम से पैसा निकालने वाली निकासी पर शुल्क को खत्म कर दिया जाए। इसकी बजाय अन्य बैंक के एटीएम से निर्धारित राशि (एक लाख) से ज्यादा पैसा निकालने की स्थिति में ही शुल्क लिया जाए। इस व्यवस्था से मध्यम वर्ग को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा जिन्हें निर्धारित संख्या के बाद उसी बैंक का एटीएम ढूंढना पड़ता है जिसमें उनका खाता है। दूसरा विकल्प मंत्रालय की ओर से अन्य बैंक से निकासी की संख्या बढ़ाने (10 से 15 करने) को कहा है।

ग्रामीण इलाकों में एटीएम की कमी:
सरकार की ओर से अन्य बैंक के एटीएम से निकासी को निशुल्क करने की पेशकश किए जाने की वजह जनधन योजना के तहत देशभर में खुले 20 करोड़ से भी ज्यादा खाते भी हैं। इतनी बड़ी तादाद में खाता खुलने के साथ बैंकिंग सुविधाओं को भी बढ़ाना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बाई इलाकों में खासतौर पर एटीएम की भारी कमी है, ऐसे में सरकार डाक विभाग के एटीएम का विस्तार करना चाहती है।

मौजूदा स्थिति:
मौजूदा समय एक माह के भीतर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में अन्य बैंक के एटीएम से पांच निकासी निशुल्क हैं जबकि अन्य शहरों में यह संख्या तीन है।

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