फुटबॉल के नियमों को तय करने वाले अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ बोर्ड (आईएफएबी) ने मैच अधिकारियों की सहायता के लिए वीडियो तकनीक के परीक्षण को स्वीकृति दे दी है। इसकी घोषणा शनिवार को की गई।

परीक्षण दो साल के लिए किए जाएंगे और इसकी शुरुआत 2017-18 सत्र तक की जाएगी और इसके बाद तकनीक को स्थायी तौर पर अपनाने को लेकर फैसला किया जाएगा। फीफा ने इसे ऐतिहासिक फैसला करार दिया है और कहा कि यह परीक्षण आईएफएबी को फायदे, नुकसान की स्थिति के अलावा बदतर हालात की पहचान करने का मौका देगा।

ट्रायल के दौरान रैफरी को चार वर्गों में वीडियो के जरिये सहायता लेने की स्वीकृति होगी। मैच का रुख पलटने वाले यह चार वर्ग गोल, रेड कार्ड, पेनल्टी और गलत पहचान से जुड़े हैं।

परीक्षण के अंतर्गत एक वीडियो सहायक रैफरी को मैच के दौरान वीडियो रीप्ले देखने को मिलेंगे और वह रैफरी के आग्रह पर घटना की समीक्षा करेगा या मैदान पर मौजूद अधिकारियों के किसी घटना से चूकने पर उन्हें अपनी मर्जी से इनकी जानकारी देगा।

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