यमुना के बाढ़ के डूब वाले क्षेत्र में प्रस्तावित श्री श्री रविशंकर का तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम विवादों में घिरने के बाद आज राज्यसभा में भी उठा। एनजीटी भी आज इस पर अपना फैसला सुना सकती है। इससे पहले सदन में विपक्ष ने इसको गंभीर मामला बताते हुए इस पर फौरन चर्चा की मांग उठाते हुए हंगामा किया। हालांकि सरकार की ओर से सांसद मुख्‍तार अब्बास नकबी ने श्री श्री का बचाव किया।

वाम सांसद सीताराम येचुरी ने कहा, एक निजी संस्था के कार्यक्र के लिए सेना को लगाया गया है, ये आपत्तिजनक है। इससे पहले जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने श्री श्री रविशंकर को पर्यावरण का उल्लंघन करते हुए ऑर्ट ऑफ लिविंग का कार्यक्रम करने की इजाजत देने का भारी विरोध किया। इसके बाद स्पीकर महोदय ने इस पर चर्चा शुरू करवा दी।

सबसे पहले कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने सदन में सवाल खड़ा करते हुए कहा, मैं किसी आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम का विरोध नहीं करता लेकिन पर्यावरण संरक्षा को दरकिनार कर इस तरह के कार्यक्रम का आयेाजन गलत है। एनजीटी ने आपत्ति दर्ज कराई है। केंद्र सरकार से सवाल पूछा है कि आखिर पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी क्यों नहीं ली गई। इस कार्यक्रम में जनरेटर चलेंगे, पार्किंग आदि होगी। क्या इससे पर्यावरण को खतरा नहीं होगा। इसका स्ट्रक्चर भी इजाजत के अनुरूप नहीं है। कांग्रेस ने सवाल पूछा कि आखिर सेना ने अस्थाई पुल क्यों बनाया है।

भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास: योगी आदित्यनाथ
भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ ने 11 से 13 मार्च तक यहां होने वाले विश्व सांस्कृतिक महोत्सव पर चल रहे विवाद को अनावश्यक बताते हुए इसे भारत की छवि बिगाड़ने की साजिश करार दिया है।

आदित्यनाथ ने यहां संसद भवन परिसर में कहा कि कुंभ के दौरान करोड़ों लोग नदी किनारे रहते हैं लेकिन तब पर्यावरण का नुकसान नहीं होता है लेकिन तीन दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रम में यमुना के प्रदूषित होने की बात की जा रही है, यह विवाद अनावश्यक है, यह भारत की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास है।

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