इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले हार्दिक पांड्या ने कम ही समय में टीम इंडिया में अपनी मजबूत जगह बना ली है। ऑलराउंडर के तौर पर खेल रहे पांड्या चाहते हैं कि वो टीम इंडिया का जैक कालिस बन जाएं।

पांड्या ने कहा, ‘बड़ी चीजें सपने के साथ ही शुरू होती हैं। हां, ये पूरे हो रहे हैं। मैं जैक कालिस जैसा बनना चाहता हूं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी में जो कुछ किया मैं वही भारत के लिए करना चाहता हूं।’

कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धौनी के मुताबिक पांड्या अपने कौशल में स्थिरता लेकर आया है लेकिन साथ ही बताया कि उन्हें कुछ खास निर्देश नहीं दिए गए हैं। इस पर इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘सबसे अच्छी बात यह रही कि मुझे कुछ नहीं बताया गया। मुझे कोई निर्देश नहीं दिए गए। यह मेरे लिए अच्छा है। मैं अब परिस्थिति का आकलन कर सकता हूं जैसे कि मैं इंटरनेशनल क्रिकेट में दबाव सहन कर लेता हूं।’

‘आईपीएल खेलना मेरे करियर का टर्निंग प्वॉइंट’
उन्होंने कहा कि मुंबई इंडियन्स की तरफ से खेलना उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट रहा। पांड्या ने कहा, ‘आईपीएल ने मेरी जिंदगी बदली। पिछले साल इन्हीं दिनों में मैंने एक फोटो पोस्ट किया था कि मुझे मुंबई इंडियन्स ने दस लाख रुपये में खरीदा है। इस साल उसी दिन हमने एशिया कप जीता। एक साल के अंदर नेशनल टीम से खेलना और एशिया कप जीतना इसकी केवल कल्पना की जा सकती है। अब तक की यात्रा शानदार रही।’

‘सचिन सर ने कहा था जल्द टीम इंडिया से आएगा बुलावा’
पांड्या ने कहा, ‘आईपीएल के दौरान सचिन सर ने मुझसे कहा था कि मैं अगले एक या डेढ़ साल में भारत के लिए खेलूंगा और इसके सात महीनों के अंदर ही मेरा चयन टीम इंडिया में हो गया।’ पांड्या ने डेब्यू के बाद 11 इंटरनेशनल टी-20 मैचों में 10 विकेट हासिल किए हैं और पांच पारियों में 62 रन भी बनाए हैं।

‘आशू भाई ने की बहुत मदद’
अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के साथ अपनी जोड़ी के बारे में पांड्या ने कहा, ‘आशू (आशीष) भाई ने मेरी काफी मदद की है। मैं हमेशा ही उनसे सलाह मांगता हूं। वह कई सालों से भारत के लिए खेल रहे हैं। उनकी सलाह से मेरी गेंदबाजी में सुधार भी हो रहा है। वह हमेशा मेरी मदद के लिए तैयार रहते हैं और उनसे काफी आत्मविश्वास भी मिलता है।’

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