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सिर्फ EPF नहीं 7 और मौकों पर बैकफुट पर गई मोदी सरकार, पढ़ें… 




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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल लोकसभा में बयान देकर ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगाने के फैसले को वापस ले लिया था। सरकार ने ये फैसला कर्मचारी संगठनों और संस्थाओं के भारी विरोध के बाद लिया। वैसे ये पहला मौका नहीं है जब मोदी सरकार ने किसी फैसले पर अपने कदम वापस खींचे हों।

जानिए ईपीएफ पर क्या था फैसला
जेटली ने 2016-17 के बजट प्रस्ताव में एक अप्रैल 2016 के बाद कर्मचारी भविष्य निधि की कुल राशि के 60 प्रतिशत निकालने पर कर लगाने की बात कही थी। इस प्रस्ताव की विभिन्न कर्मचारी संगठनों एवं राजनीतिक दलों ने आलोचना की थी।
वित्त मंत्री जेटली ने आज लोकसभा में स्वत: संज्ञान लेते हुए दिये अपने बयान में कहा, हमें मिले कई ज्ञापनों के मद्देनजर सरकार इस प्रस्ताव की समग्र समीक्षा करना चाहती है और इसलिए इस प्रस्ताव को वापस लेती है। उन्होंने हालांकि कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना से जुड़े लोगों को राशि निकालने के समय 40 प्रतिशत की छूट बनी रहेगी।

पिछले 21 महीनों में किन मौकों पर बैकफुट पर दिखी सरकार

1. मनरेगाः लोकसभा में एक भाषण के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने मनरेगा को कांग्रेस की बड़ी विफलता कहा था, पर अगर इस बजट पर नजर डालें तो सरकार ने मरनेगा के इतिहास में सबसे अधिक पैसा इस बार ही सुनिश्चित किया गया है।

2. आधार बिलः भाजपा ने यूपीए के नेशनल आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया बिल 2010 को नकार दिया था। अब मोदी सरकार आधार को कानूनी जामा पहनाने के लिए मनी बिल के नाम से पेश कर रही है, जो कि बिल्कुल वही है।

3. लैंड बिलः केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर यूपीए के 2013 लैंड बिल को बदल दिया था ताकि उद्यमियों के अनुरूप इसे बनाया जा सके। अब इससे पीछे हटने की योजना बना रही है।

4. मैटः सरकार विदेशी निवेशकों के लिए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स को लागू करना चाहती थी, अब इससे पीछे हट रही है।

5. आईटीआर फॉर्मः सरकार ने मार्च 2015 में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए नए फार्म को लाने का फैसला किया था। लेकिन भारी विरोध और प्रतिक्रिया के बाद इसे भी सरकार वापस ले चुकी है। इसके तहत सरकार आम जनता से उनकी विदेश यात्रा और बैंक अकाउंट्स की डिटेल मांग रही थी।

6. इंश्योरेंस कानून (संशोधन) बिलः भाजपा ने यूपीए सरकार के समय इंश्योरेंस बिल को नहीं पेश होने दिया था। जब ये सरकार में आई तो इसने दोनों ही सदन में पेश करने का वादा कर दिया।

7. इंटरनेट पोर्न बैनः पिछले साल अगस्त में सरकार ने 850 अश्लील वेबसाइट पर प्रतिबंध लगा दिया था। तमाम प्रतिक्रिया और विरोधों के बाद सरकार ने सिर्फ चाइल्ड पोर्न पर प्रतिबंध जारी रखा बाकी पर से प्रतिबंध हटा लिया था।

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