नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद देश में असहिष्णुता बढ़ी है और जेएनयू प्रकरण तथा दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या की घटना इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू के उधमपुर में एक कश्मीरी ट्रक चालक को जिंदा जला दिया गया और यह तब हुआ जब राज्य में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि यह असहिष्णुता नहीं है तो और क्या है।

उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति को इस संदेह के आधार पर मार डाला गया कि उसने घर में गो मांस रखा था। जेएनयू प्रकरण और हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमूला को आत्महत्या के लिये विवश होना पडा, यह भी असहिष्णुता ही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस हकीकत को मानने के लिये तैयार ही नहीं है कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है जो कि खेदजनक है।

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