सीवान : सीवान पुलिस ने पांच बांग्लादेशियों 800x480_IMAGE50850796 लूट के सामान के साथ गिरफ्तार किया है. सीवान पुलिस इसे बड़ी सफलता मानकर चल रही है. पुलिस के मुताबिक इनकी गिरफ्तारी से आधा दर्जन लूट व डकैती के कांडों के उद्भेदन में सफलता मिली है. एसपी सौरभ कुमार साह ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर रविवार की शाम नगर के साधु पेट्रोल पंप की बगल स्थित एक अर्धनिर्मित मकान से इन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही उनको पनाह देनेवाले मकान मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है. एसपी ने बताया कि इसके पूर्व भी इनके रैकेट के सात बांग्लादेशी अपराधियों को लूट के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया था.

एसपी के मुताबिक इसके बाद इन लोगों ने अपना ठिकाना छपरा शहर बना लिया था. वहीं, से आकर फेरी का सामान बेचने के नाम पर पहले घर की रेकी करते थे. फिर लूट व डकैती की घटना को अंजाम देते थे. इनके पास से दो पिस्टल, गोली, तीन कटार, 15 मोबाइल और लूट के सामान के साथ ताला व शटर तोड़ने का औजार बरामद किया गया है. इनकी गिरफ्तारी से भगवानपुर में हुए दो डकैती कांडों और मैरवा, जीबी नगर और दरौंदा में हुए लूटकांड का उद्भेदन हुआ है. इनकी गिरफ्तारी से इस गिरोह का एकमात्र सदस्य बड़ा टुनटुन पुलिस की पकड़ से बाहर है. गिरफ्तार बांग्लादेशी अपराधियों में बांग्लादेश के गोपालगंज का मो टुनटुन, मदारीपुर का मो. इशराफिल, शैदुल, माशूर जिले का मो. हसन, कोहिदपुर का मो. ओहिदुल, पश्चिम पंगाल के चौबीस परगना का मो. रजा व कालियाचक का अब्दुल मलिक शामिल हैं. इन सभी पर विदेशी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है. वहीं, इन सभी को किराया पर अपने मकान में पनाह देनेवाले छपरा के नगर थाने के करीमचक निवासी खुर्शीद अहमद को भी जेल भेजा जा रहा है.

सीवान : अगर आप फेरीवालों से सस्ता सामान खरीदने के शौकीन हैं, तो सावधान हो जाएं, क्योंकि ये आपको महंगा पड़ सकता है. फेरी के बहाने आपके घर सामान बेचनेवाला बदमाश हो सकता है. वह फेरी के बहाने आपके घर पहुंचेगा और घर की स्थिति की रेकी कर उचित मौका तलाश कर आपके घर पर लूट की घटना को अंजाम देकर आपका सारा सामान लेकर चंपत हो सकता है. इसका खुलासा करीब दो माह पहले नगर थाने के मखदुमसराय से सात बांग्लादेशी फेरीवालों की गिरफ्तारी से हो गया था.
ये लूट की घटना को अंजाम दे रहे थे. उनकी गिरफ्त में आने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन मुख्य सरगना इशराफिल पुलिस की पकड़ से दूर था. उसने नया ग्रुप फिर से तैयार कर लिया. पुलिस ने रविवार की कार्रवाई में पांच बांग्लादेशी बदमाशों समेत दो पश्चित  बंगाल निवासी दो बदमाशों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो सभी साथ मिल कर दिन में फेरी का काम करते थे और रात को लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देते थे.
सीवान में खुलासे के बाद छपरा को बनाया ठिकाना : सीवान में सात बांग्लादेशी व यूपी के दो बदमाशों को जनवरी में गिरफ्तारी के बाद दिन में फेरी और रात में हेराफेरी करनेवाले अपराधियों ने अपना ठिकाना छपरा बना लिया. फरार इशराफिल, जिसकी पत्नी सीवान जेल में बंद है, उसने फिर नया गिरोह खड़ा कर अपना धंधा शुरू कर दिया. छपरा में अपना ठिकाना बना कर ये लोग लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देने लगे.
मोबाइल ड्रंप से हुआ खुलासा : इधर लूट, चोरी और डकैती की घटनाओं से पुलिस परेशान थी और फिर इस गिरोह के सक्रिय होने की आशंका थी. साथ ही घर में घुसने और गृहस्वामी को बंधक बना कर लूटपाट करने का जो स्टाइल था, वह बांग्लादेशी फेरीवालों द्वारा लूट की घटनाओं को अंजाम देनेवाले उन बदमाशों से मिलता-जुलता दिख रहा था, जो कुछ दिन पूर्व ही जेल भेजे गये थे. मैरवा थाना कांड संख्या 18/16, दिनांक 12.2.16, की घटना ने इस बात को और भी पुष्ट कर दिया. साथ ही अपराधी गृहस्वामी का मोबाइल भी अपने साथ लेते गये. घटना के समय के मोबाइल ट्रंप निकलाने पर जो नंबर मिले, वह सभी छपरा में कार्य कर रहे थे. पुलिस ने इन नंबरों का सर्विलांस शुरू किया, तो कभी सीवान, कभी मैरवा, तो कभी छपरा.
पुलिस को वाजिब मौके की तलाश थी. पुलिस ने मकान मालिक छपरा शहर के करीमचक निवासी खुर्शीद अहमद को पहले गिरफ्तार किया. साथ ही एक अपराधी को मौके से दबोचने के बाद पुलिस ने लूट की योजना बनाते समय छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें तीन की तलाश पहले से ही की जा रही थी. हालांकि एक अपराधी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस जुटी हुई है.

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