धर्मशाला – सहोड़ा गांव में दो साल से बन रहे रास्ते का विवाद अभी भी राजनीतिक दखल के चलते सुलझ नहीं पाया है। इस रास्ते के निर्माण से कई लोगों को लाभ होगा, लेकिन राजनीतिक कारणों से रास्ते का निर्माण कार्य रूका हुआ है। रास्ता न बन पाने के कारण कई लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता इच्छी पंचायत के निर्माणाधीन आता है, लेकिन पंचायत राजनीतिक दवाब के चलते गैर जिम्मेदारी से कार्य कर रही है। पंचायत पर यह आरोप अश्वनी गुप्ता ने लगाए हैं। इस रास्ते बारे सहोड़ा पंचायत प्रस्ताव पास कर इच्छी पंचायत को भेज चुकी है और रास्ते के लिए धन भी उपलब्ध करवाया गया है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक शह पर इस रास्ते को बनने नहीं दिया जा रहा है।

अश्वनी गुप्ता ने कहा कि इस बारे उन्होंने डीसी कांगड़ा को ज्ञापन सौंपा है और इसकी प्रतियां एसपी कांगड़ा, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भेजी हैं। यदि रास्ते का निर्माण कार्य 7 दिन में शुरू न हुआ तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। अश्वनी गुप्ता ने कांगड़ा के विधायक पवन काजल पर आरोप लगाया है कि उनको जमीन न बेचना ही विवाद का कारण बना हुआ है। विधायक की शह में जिन लोगों का इस रास्ते से कोई संबंध नहीं है इसे नहीं बनने दे रहे हैं। अश्वनी गुप्ता ने विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक माफिया की तरह व्यवहार कर रहे हैं और इच्छी पंचायत के नुमाइंदे वोट की राजनीति कर हमारे संविधानिक हकों को छीन रहे हैं। राजनीतिक दखल के चलते अश्वनी गुप्ता ने कहा कि मैं और मेरा परिवार मानसिक तनाव में है और यदि वह कोई भी गंभीर कदम उठाते हैं या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन, विधायक तथा इच्छी पंचायत के नुमाइंदों की होगी, जो इस रास्ते के निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। अश्वनी गुप्ता ने कांग्रेस सरकार पर भी ऐसे विधायक को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि क्यों सरकार इस भ्रष्ट आचरण की जांच नहीं करवाती। क्या यह मान लिया जाए कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार समर्थक सरकार है और यदि नहीं तो विधायक के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करवाए।

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