हिमाचल !कांगड़ा- में महिला कल्याण गतिविधियों को दिया जा रहा बढ़ावाः रितेश चौहान
हिमाचल !कांगड़ा- में महिला कल्याण गतिविधियों को दिया जा रहा बढ़ावाः रितेश चौहान

धर्मशाला, 29 मार्च: उपायुक्त कांगड़ा रितेश चौहान ने आज महिला चिन्मय ग्रामीण विकास संस्था (ब्व्त्क्) द्वारा महिला सशक्तिकरण परियोजना के अन्तर्गत धर्मशाला के सिद्धबाड़ी में आयोजित महिला किसान गोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उपायुक्त ने कहा कि जिले में महिला कल्याण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है तथा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए गए है। उन्होंने  कहा कि जिले में प्रदेश सरकार द्वारा महिला कल्याण एवं विकास के लिए चलाई गई योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उपायुक्त ने अपने सम्बोधन में जिला में लिंगानुपात में सुधार लाने और 0 से 6 वर्ष की आयु वर्ग की शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिये महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुये मुहिम को सफल बनाने में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लैंगिक असन्तुलन को दूर करने के लिये पूर्ण प्रतिबद्वता से कार्य करने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर जागरूकता पर भी बल दिया। उन्होनें कहा कि हमें बेटे और बेटी के बीच भेदभाव की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने चिन्मय संस्था द्वारा महिला कल्याण के लिए चलाई जा रही रचनात्मक गतिविधियों के लिए संस्था प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर चौहान ने महिला किसानों द्वारा प्रदर्शनी में रखे गये उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके द्वारा तैयार किये गये गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की सराहना की। उपायुक्त ने इस अवसर पर महिला किसानों को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर चिन्मय ग्रामीण विकास संस्था की निदेशक डा0 क्षमा मेत्रे ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा संस्था की गतिविधियों बारे विस्तृत जानकारी दी। उन्होनें कहा कि धर्मशाला व नगरोटा ब्लाक की 26 पंचायतों में लगभग 2000 महिला किसान इस परियोजना से जुड़ी हैं। इस अवसर पर नाबार्ड के डा0 सुमन कुमार, डा0 बीएल कपूर, कार्यक्रम समन्वयक, आत्मा परियोजना निदेशक डा0 रिपन सूद, उप-निदेशक, कृषि देस राज शर्मा, उप-निदेशक उद्यान संजीव गुप्ता, अरविन्द पत्रवाल, ओंकार सैणी तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

 

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