हिमाचल प्रदेश-धर्मशाला, कांगड़ा: जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की त्रैमासिक बैठक आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा आबिद हुसैन ने की। बैठक में सैनिक, पूर्व सैनिक, उनकी विधवाओं तथा अश्रितों के कल्याण सम्बंधी योजनाओं के ओैर अधिक प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर कारगर रणनीति पर विचार किया गया।इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आबिद हुसैन ने कहा कि प्रदेश सरकार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत अनेक योजनाएं कार्यन्वित की जा रही हैं, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों को रोजगार योजना के अन्तर्गत उपदानयुक्त दरों पर ऋृण उपलब्ध करवा रही है। इसके अतिरिक्त पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध करवाने पर बल दिया जा रहा है।बैठक में ईसीएचएस में दवाईयों का वितरण, सीएसडी कैंटीन में सामान की बढ़ोतरी, कार्यरत डिफैेंन्स के सदस्यों की समस्याओं पर सिविल प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्यवाही, प्रदेश में सेवानिवृत सैनिकों की नौकरी के लिए कोटा बढ़ाना तथा देहरा में सीएसडी कैंन्टीन व इसीएचएस के लिए भूमि उपलब्ध करवाने तथा धर्मशाला में सैनिक कल्याण कार्यालय भवन के निर्माण जैसे सैनिक कल्याण से जुड़े विभिन्न मुददों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा इन कार्यों पर शीघ्र कार्यवाही पर बल दिया गया।बोर्ड सदस्यों ने सैनिक कल्याण विभाग के विश्राम गृह के समीप एटीएम स्थापित करने और पूर्व सैनिकों के कौशल उन्नयन के लिए हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान धर्मशाला में प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। अतिरिक्त उपायुक्त ने बोर्ड सदस्यों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा सम्बन्धित विभागों के साथ मामलों को उठाने का आश्वासन दिया।सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव सेवानिवृत स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।बैठक आरंभ करने से पूर्व शहीदों की यादगार में दो मिन्ट का मौन रखा गया।बैठक में सैनिक कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सेवानिवृत विंग कमांडर एसवी राणा, राज्य शहीद स्मारक के अध्यक्ष सेवानिवृत कर्नल जय गणेश, सदस्य सेवानिवृत लै0 कर्नल राजेश राणा, ऑनरेरी कप्तान गगन सिंह परमार, ऑनरेरी कप्तान बन्ता सिंह, सेवानिवृत ऑनरेरी सूबेदार सुरेश सिंह, सेवानिवृत नायब सूबेदार राजेन्द्र शर्मा, सहित अन्य विभाग अधिकारी उपस्थित थे।

1919 में हुआ था सैनिक बोर्ड का गठन

सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव सेवानिवृत स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा ने बताया कि सैनिक बोर्ड भारत सरकार द्वारा गठित बोर्ड है जो 1919 में गाठित किया गया तथा इसे इंडियन सोल्जर बोर्ड का नाम दिया गया था।यह बोर्ड तीनों सेनाओं की कल्याणकारी योजनाओं को देखता था, परन्तु दूसरे विश्वयुद्ध में सेना, नौ सेना तथा हवाई सेना में बढ़ोतरी होने के कारण इसका मार्च 1951 में दोबारा गठन किया गया तथा इसे इंडियन सोल्जर, सेलर और एयरमेन बोर्ड का नाम दिया गया। 1975 में फिर से केन्द्रीय बोर्ड, राज्य सैनिक बोर्ड व जिला सैनिक बोर्र्डोंं का गठन किया गया। यह बोर्ड भूतपूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं, विधवाओं व उनके आश्रितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करते हैं।

 

 

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