छत्तीसगढ़ >बिलासपुर । कानन पेण्डारी जू में जयपुर से आया सिक्का हिरन ।
छत्तीसगढ़ >बिलासपुर । कानन पेण्डारी जू में जयपुर से आया सिक्का हिरन ।

मुकेश तिवारी 
बिलासपुर आज दोपहर बाद चिड़ियाघर जयपुर से 1:1 भालू एवं 1:2 लोमड़ी के बदले में नया प्रजाति “सिक्का हिरण” 1:2 एवं घड़ियाल 7 फीट लम्बाई के पूर्ण वयस्क 2:2 आ गया है। इनके आने से कानन में कुल वन्यजीव प्रजाति 65 एवं इनकी कुल संख्या 554 हो गय है। कानन में घड़ियाल की ब्रिडींग निकट भविष्य में सम्भव हो सकेगा इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु वयस्क घड़ियाल (गेविएलिस गंगेटिकस) जयपुर जू से लाया गया है।
सिक्का हिरण (सर्वस निप्पान) भारत के वनों में नहीं पाई जाती, यह मुख्यत: जापान की प्रजाति है। इनका रंग ठंड के मौसम में गहरा भूरा व कम स्पाट के होते हैं गर्मी में नए बाल आने से सिक्का की तरह स्पाट दिखाई देने लगता है। इनका पूंछ सफेद होने से खुबसूरत दिखते हैं।

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