हिमाचल प्रदेश> मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
हिमाचल प्रदेश> मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह

07,अप्रैल>ब्यूरो चीफ सुनामी मीडिया ।

हिमाचल प्रदेश>शिमला> मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक टाउनहॉल के जीर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश टूरिज्म विभाग को दिए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार सुबह विधानसभा जाते समय टाउनहॉल के कार्य का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री सुबह साढ़े नौ बजे टाउनहॉल पहुंचे। करीब 20 मिनट यहां रुककर मुख्यमंत्री ने पहली मंजिल में चल रहे कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की क्वालिटी पर अंसतोष जताते हुए टूरिज्म विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि विभाग क्वालिटी की तरफ गंभीरता से ध्यान दें। टाउनहॉल ऐतिहासिक इमारत है ही नहीं, शहर की शान है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि काम में कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर क्वालिटी को मेटेंन नहीं रखा गया, तो फिर कार्रवाई को तैयार रहें। उन्होंने यह भी कहा कि क्वालिटी मेंटेन करने के साथ-साथ विभाग इसके काम में भी तेजी लाए। उन्होंने कहा  कार्य की रफ्तार धीमी है। एक साल के भीतर जितना काम होना चाहिए था, उतना अभी हुआ नहीं है। काम जल्द से जल्द पूरा हो, इसके लिए कार्य में तेजी की तरफ ध्यान देना होगा। अगर काम की रफ्तार ऐसी ही रही, तो बहुत देर हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ वास्तुकार डॉ. एनके नेगी, पूर्व ईएनसी एसपी नेगी को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा करवाए जा रहे कार्य पर पूरी नजर रखें। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में जो सामग्री लगाई जा रही है, इसकी तरफ भी गंभीरता से ध्यान दें। समय- समय पर कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी लेते रहें। इस दौरान नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर, सचिव सामान्य प्रशासन मोहन चौहान, कमिश्नर पंकज राय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  शिमला में बुधवार को टाउनहॉल का निरिक्षण करते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अन्य अधिकारी। मालरोड समेत टाउनहॉल के रेस्टोशन कार्य की गुणवत्ता पर मेयर संजय चौहान ने सवाल उठाए थे। 4 अप्रैल को मेयर की अध्यक्षता में डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर समेत अन्य पार्षदों, अधिकारियों ने टाउनहॉल का का निरीक्षण किया था। जिसमें टाउनहॉल के कार्य में घटिया किस्म की लकड़ियों के इस्तेमाल करने के साथ ही काम धीमी गति से करने की बात सामने आई थी। मेयर ने टूरिज्म विभाग पर घटिया लकड़ियों का इस्तेमाल करके पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी।

 

LEAVE A REPLY