धर्मशाला, 16 अप्रैल: शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने आज नगर निगम धर्मशाला के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं टैगलाईन (ट्रांसफॉमिंग टूमॉरो टूगेदर) का अनावरण किया। धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री द्वारा जारी इस लोगो में चीड़ के फल (पाइन कोन), जिसे स्थानीय भाषा में ‘चलाखडू़’ कहा जाता है और पत्तियों को शामिल किया गया है।

इस अवसर पर सुधीर शर्मा ने कहा कि कांगड़ा घाटी में चीड़ के पेड़ बहुतायत में हैं और ‘लोगोे’ के रूप में चीड़ के फल एवं पत्तियों का चुनाव हमें अपनी पृष्ठभूमि से भी जोड़ता है। उन्होंने कहा कि चीड़ का फल अपने आप में प्रत्येक परिस्थिति में समरूप बने रहने, जुझारूपन और नित्यता को प्रतिबिम्बित करता है। साथ ही, यह फल जिस प्रकार पत्तियों को धारण किये रहता है, वह सबको साथ लेकर चलने के संदेश का परिचायक है।

 

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला में नागरिक सेवाओं में सुधार लाने पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों एवं अन्य हितधारकों के बीच पारस्पारिक सम्पर्क को सुविधाजनक बनाने और सेवा सुपुर्दगी में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में आन्तरिक संचालन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर भी बल दिया जायेगा।

शर्मा ने कहा कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी परियोजना के प्रस्ताव को पुनः तैयार कर लिया गया है और इसे शीघ्र ही केन्द्र सरकार को सौंपा जायेगा। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में मूलभूत सुविधाओं के विकास, अधोसंरचना एवं सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये ‘स्मार्ट’ समाधान, नागरिकों के जीवन स्तर में गुणवत्ता, स्वच्छ पर्यावरण के साथ-साथ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि शहरी योजना में पर्यावरण संरक्षण और पैदल चलने वाले यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है तथा आम नागरिकों के लिये वाई-फाई सुविधा, प्रभावी भू-प्रबन्धन, सांस्कृतिक धरोहर के विकास एवं पुनःस्थापना के अतिरिक्त युवाओं को अनेक प्रकार के रचनात्मक अवसर उपलब्ध करवाने के लिये योजना में विशेष तौर पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में यातायात के साधन, मनोरंजन, स्वच्छ पानी, कूड़ा निस्तारण, बाहर से आए हुए पर्यटकों के लिए स्मार्ट कार्ड इत्यादि सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों को खेलने के लिए पार्क इत्यादि की विशेष सुविधाएं भी स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव में शामिल हैं।

इस दौरान उन्होंने महापौर, उपमहापौर, पार्षदों सहित उपस्थित सभी लोगों को नगर निगम ‘लोगो’ वाले बैग, कैलेंडर एवं डायरियां भी भेंट कीं।

‘लोगो’ का स्वरूप

नगर निगम के ‘लोगो’ में चीड़ के फल (पाइन कोन), जिसे स्थानीय भाषा में ‘चलाखडू़’ कहा जाता है, जबकि इसका बायोलॉजिकल नाम पाइनस पईनिया कोन है, को पिरामिड आकार में रखा गया है। ‘लोगो’ में दोनों तरफ पाइन कोन के आधार से जुड़ी चीड़ की पत्तियां को अर्धचंद्राकार में ऊपर की ओर को दर्शाया गया है।

अरविन्द शर्मा ने बनाया है ‘लोगो’

नगर निगम का यह लोगो धर्मशाला में रहने वाले प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट अरविन्द शर्मा ने बनाया है। अरविन्द्र शर्मा मूलतः नगरोटा सूरियां से हैं, जो लगभग गत 20 वर्षों से परिवार के साथ धर्मशाला में रह रहे हैं। प्रकृति को अपनी प्रेरणा बताने वाले अरविन्द कार्टूनिंग के साथ-साथ फोटोग्राफी और टैªकिंग के भी शौकीन हैं। उनका हिमाचली संस्कृति एवं सभ्यता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

इस अवसर पर नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी देवी, उपमहापौर देविन्द्र जग्गी, सभी पार्षद, उपायुक्त कांगड़ा रितेश चौहान, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त राकेश शर्मा, एडीएम बलबीर ठाकुर, एसडीएम (ना) श्रवण मान्टा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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