नई पहल
हिमाचली-तिब्बती संस्कृति पर होंगे कार्यक्रम

धर्मशाला 20 अप्रैलः कांगड़ा ज़िला प्रशासन पर्यटकों को लुभाने और स्थानीय लोगों को समृद्ध हिमाचली एवं तिब्बती संस्कृति से रू-ब-रू करवाने के उद्देश्य से नई पहल आरंभ करने जा रहा है। इस पहल के तहत हिमाचल प्रदेश एवं यहां रहने वाले तिब्बती समुदाय की संस्कृति के अनूठे समन्वय से पर्यटको एवं स्थानीय लोगों को दोनों समुदायों की सास्कृतिक धरोहर को जानने का अवसर प्राप्त हो सकेगा। इस कार्यक्रम में ज़िला लोक सम्पर्क विभाग एवं टिप्पा के कलाकारों के अतिरिक्त सेना का बैंड प्रतिभागी होगा।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त रितेश चौहान ने बताया कि इस पहल के तहत पहला कार्यक्रम मई माह के दूसरे शनिवार अर्थात् 14 मई की संध्या को मैक्लोड़गंज के दलाई लामा मंदिर के समीप आयोजित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान सेना के बैंड की प्रस्तुतियां भी शामिल की जायेंगी।
उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम नियमित रूप से निर्धारित अंतराल के बाद आयोजित किए जाते रहेंगे और इसमें पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को दोनों संस्कृतियों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा। लोगों को हिमाचल प्रदेश एवं तिब्बत समुदाय के परिधानों और लोक संस्कृति को जानने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि दोनों संस्कृतियों पर आधारित कार्यक्रम का लोगो डिजाइन किया जाएगा और इस पहल को सार्थक नाम दिया जाएगा।
उपायुक्त ने स्थानीय एसडीएम श्रवण मांटा को स्थल चयनित करने के उपरांत वहां आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्हांेेने टिप्पा के निदेशक बांगड़ू एवं लोक सम्पर्क विभाग के उप निदेशक अजय पराशर से इस पहल को लेकर आवश्यक चर्चा की तथा कार्यक्रम के विभिन्न सोपान तय करने के उपरांत उन्हें ज़रूरी निर्देश दिए। टिप्पा के निदेशक ने टिप्पा परिसर में नये सभागार के निर्माण के संबंध में उपायुक्त से चर्चा की एवं उन्हें प्रस्तावित सभागार का मॉडल भी दिखाया। यह मॉडल ताईबान के आर्किटेक्ट क्रिस्ट ने तैयार किया है। इस सभागार में करीब एक हजार लोगों के बैठने की सुविधा होगी।
बैठक में अन्यों के अतिरिक्त टिप्पा के प्रतिनिधि एवं जिला लोक सम्पर्क कार्यालय के प्रतिनिधि संदीप भी उपस्थित थे।

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