धर्माणी ने दी कृृषि योजनाओं की विस्तृृत जानकारी

बिलासपुर 26 अप्रैलः  मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के अन्तर्गत कृषकों को बाढ़ लगाने के लिए 60 प्रतिशत सहायता दी जाएगी । यह जानकारी मुख्य संसदीय सचिव (वन) राजेश धर्माणी ने घुमारवीं में देते हुए बताया कि इस योजना के अन्तर्गत 25 करोड़ रू. व्यय किए जाने का प्रावधान किया गया है । उन्होंने बताया कि बाढ़ को सौर ऊर्जा अथवा विद्युत ऊर्जा से संचालित किया जाएगा तथा बाढ़ में विद्युत प्रवाह के कारण बेसहारा पशुओं, जंगली जानवरों तथा बन्दरों को दूर रखने में मद्द मिलेगी । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चालू वित वर्ष के दौरान बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा हेतु 80 करोड़ रू. के बजट आंवटन का प्रावधान किया गया है ।

 

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चारा एवं भूसे की कमी को देखते हुए सम्बन्धित विभागों को इसकी आपूर्ति के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं । उत्तम चारा उत्पादन योजना के अन्तर्गत चारा उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषकों को बेहतर उपकरण व घास की जड़े भी वितरित किए जा रहे हैं जिसके अन्तर्गत चालू वित वर्ष में 5 करोड़ रू. वितरित करने का प्रावधान किया गया है । उन्होंने बताया कि जिला में विभाग द्वारा गत वर्षों में 18.63 हैक्टेयर क्षेत्र में 13.33 करोड़ रू. व्यय कर 1565 हरित गृहों का निर्माण किया गया हैं । उन्होंने कहा कि सिंचाई योजना के अन्तर्गत 1390 इकाईयां स्थापित कर 495 लाख रू. व्यय किए गए ।

 

मुख्य संसदीय सचिव ने बताया कि जिला में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत गत दो वर्षों में फसल विविधिकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत 70 लाख रू. व्यय कर 260 हैक्टेयर भूमि पर 2600 मीट्रिक टन अतिरिक्त सब्जी का उत्पादन किया गया जिससे 1100 कृषक लाभान्वित हुए । उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में गत दो वर्षों के दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 45 लाख रू. व्यय कर 100 हैक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अधीन लाया गया ।

 

जबकि गत वर्ष के दौरान इस योजना में 25 लाख रू. व्यय कर 500 वर्मी बैड स्थापित किए गए थे ।

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति उप योजना के तहत जिला में गत वर्ष के दौरान 22 लाख 7 हजार रू. व्यय किए गए है तथा जिला में गत वर्ष के दौरान 3.5 हैक्टेयर क्षेत्र में काॅफी के पौधों का रोपण भी किया गया है ।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय वायोगैस और खाद प्रबन्धन कार्यक्रम के तहत जिला में गत वर्ष के दौरान 2.375 लाख रू. व्यय कर दो घन मीटर क्षमता के 19 वायोगैस संयन्त्र किसानों को उपदान पर उपलब्ध करवाएं गए हैं ।

मुख्य संसदीय सचिव ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा नई योजनाएं, जिसमें मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना, मुख्यमंत्री स्टार्ट अप योजना, मुख्यमंत्री शिक्षक सम्मान योजना, मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना, मुख्यमंत्री ज्ञानोदय योजना, जमा दो के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री वर्दी योजना, हिमाचल प्रदेश पत्रकार कल्याण योजना, हिमाचल प्रदेश सार्वभौमिक स्वास्थ्य संरक्षण योजना, पंचायत बालिका गौरव पुरस्कार, पंचायत पशुधन पुरस्कार योजना तथा लाल बहादुर शास्त्री कागार एवं शहरी आजीवका योजनाऐं चलाई गई है जिनका लोगों को अपनी उन्नति, विकास व आर्थिकी सुधारने के लिए लाभ लेना चाहिए ।

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