राज्यपाल ने किया माॅडल आग्रेनिक फाॅर्म का निरीक्षण

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज चैधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के जैविक कृषि अनुसंधान केंद्र और जैविक कृषि विभाग के अन्तर्गत कार्यान्वित की जा रही क्षेत्रीय गतिविधियों का जायज़ा लिया। राज्यपाल ‘शून्य बजट प्राकृतिक कृषि’ पर आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन के मौके पर पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे हैं।

इस मौके पर राज्यपाल ने माॅडल आॅर्गेनिक फार्म का निरीक्षण किया और बायो फाॅर्मेशन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। वह मटका खाद तकनीक से प्रभावित हुए। कृषि वैज्ञानिकों ने राज्यपाल को जानकारी दी कि वर्ष 2006 से विश्वविद्यालय में जैविक कृषि को व्यवस्थित तौर पार आरम्भ किया गया था। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के प्रोत्साहन कार्यक्रमों के अन्तर्गत प्रदेश में जैविक कृषि को व्यापक बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 30 हजार से अधिक किसान 18 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में जैविक कृषि को अपना रहे हैं।

आचार्य देवव्रत ने होमा फाॅर्मिंग कुटीर और प्राकृतिक कृषि के लिए विश्वविद्यालय में स्थापित गौ-शाला का भ्रमण भी किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि स्थानीय कृषि बीजों को एकत्रित कर उनकी पैदावार को बढ़ाया जाए। इसके अतिरिक्त, देसी नस्ल की गायों के पालन पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि जैविक कृषि किसानों के लिए भी फायदे का सौदा है, क्योंकि जैविक उत्पादों की मांग अधिक है और किसानों को भी उनके उत्पाद के बेहतर दाम उपलब्ध होते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को इस बाबत अधिक से अधिक किसान शिविर आयोजित करने और किसानों के उद्यानों तक जाकर उन्हें जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए ताकि वे व्यापक तौर पर लाभान्वित हो सके।

विख्यात वैज्ञानिक व पद्म श्री डाॅ. सुभाष पारेकर, विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. के.के कटोच तथा कृषि वैज्ञानिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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