राज्यपाल ने पालमपुर स्कूल में बच्चों को पढ़ाया नैतिकता का पाठ
धर्मशाला, 29 अप्रैल- आचार्य देवव्रत ने कहा कि मेहनत करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। इस इच्छा शक्ति और कठोर परिश्रम के दम पर जीवन में आगे बड़ा जा सकता है।
राज्यपाल आज कांगड़ा जिले के पालमपुर में वरिष्ठ कन्या माध्यमिक पाठशाला, पालमपुर मेें डी.ए.वी स्कूल, पालमपुर, सेंट पॉल स्कूल, पालमपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बंदला, बिन्द्राबन और गुग्गर तथा चांद पब्लिक स्कूल, गुग्गर के विद्यार्थियों को को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमारे सामने ऐसे अनेक उद्हारण हैं, जिन्होंने आभावों में रहकर कड़ी मेहनत व इच्छाशक्ति से उंचाइयों को छूंआ है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जो संविधान निर्माता बनें। श्री नरेन्द्र मोदी को भी जीवन के आभाव आगे बढ़ने से नहीं रोक सके और आज वह देश के प्रधानमंत्री हैं।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश के अपने दौरे के दौरान वह राजकीय स्कूलों में जाते हैं और स्कूली बच्चों से मिलते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि स्कूल में बच्चों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की शिक्षा दी जा रही है, जिसके लिए उन्होंने शिक्षक वर्ग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज लोगों की मानसिकता बदल रही है, क्योंकि सरकारी स्कूलों में अच्छी अधोसंरचना और योग्य शिक्षकों की तैनाती की गई है। इन स्कूलों में प्रतिभाओं की भी कोई कमी नहीं है।
उन्होंने शिक्षक वर्ग से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेवारी को समझते हुए बच्चों के सम्पूर्ण निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि बच्चे गुरुजनों को अपना आदर्श मानते हैं और गुरुजनों की कही बात व आदत उनके मानसपटल पर आजीवन रहती है। यहां तक कि शिक्षक से बड़ा बच्चे के सामने कोई प्रमाण नहीं होता है। इसलिए, शिक्षक का भी यह कर्तव्य बनता है कि वह बच्चों के भविष्य निर्माण में सहयोग करें।
आचार्य देवव्रत ने बच्चों से नैतिक मूल्य को अपनाने का आह्वान किया। नशे से दूर रहने, महापुरुषों की जीवनी को पढ़ने, बड़ों की सेवा करने और मेहनत व लगन से पढ़ाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र में जो अच्छी आदत पड़ जाती है वह आजीवन रहती है और यही आदत आगे बढ़ने में सहायक होती है। उन्होंने आशा जताई कि स्कूल का स्तर और उंचा होगा।
राज्यपाल ने इस मौके पर स्कूल प्रांगण में पीकानट का पौध रोपा।
इससे पूर्व, राज्यपाल को उप-निदेशक, उच्च शिक्षा, कांगड़ा श्री कमल किशोर तथा स्कूल के प्रधानाचार्य श्री अजय कुमार सूद ने हिमाचली शॉल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
स्कूल के बच्चों ने इस मौके पर विभिन्न प्रस्तुतियां दी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। स्कूली छात्रा कुमारी साक्षी द्वारा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ प्रस्तुति ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। कुमारी मुस्कान तथा कुमारी श्वेता द्वारा ‘बेटी है अनमोल’ पर आधारित कविता की प्रस्तुतियां दी गई। कुमारी जागृति ने बेटी की महिमा पर विचार प्रस्तुत किए।
उप-मण्डल दण्डाधिकारी, पालमपुर श्री अजीत भारद्वाज, विभिन्न स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थी तथा शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY