हिमाचल प्रदेश:बिलासपुर, 03 मईः  अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1995  के अंतर्गत आज जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर की अध्यक्षता में उनके चैंबर में आयोजित की गई जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।उपायुक्त ने पुलिस विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लोगों से जुड़े  विभिन्न प्रकार के मुआवजों से सम्बंधित मामलों को तत्परता से निपटाने के निर्देंश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत जिला में 27 मामले पंजीकृत हुुए हैं जिनमें से सात मामलों में पीडि़त व्यक्तियों को राहत राशि मुआवजे के रूप में प्रदान कर दी गई है तथा 20 मामले अदालत में लंबित हैं । इसी प्रकार जिला में अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के साथ अत्याचार से सम्बंधित आठ और विभिन्न प्रकार के मामले जिनमें जातिसूचक शब्द कहने, गाली-गलोच करने, गोल्डन चेन स्नैचिंग तथा मारपीट  के मामले शामिल हैं पुलिस के पास जांच के लिए लंबित पड़े हैं। उन्होंने पुलिस तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल के साथ इन मामलों को शीघ्र निपटाएं ताकि  पीडि़त व्यक्तियों को मुआवजा राहत राशि समय पर प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर जिला न्यायावादी संदीप अत्री, जिला कल्याण अधिकारी डा0 काली दास ठाकुर ,डीएसपी राजेश कुमार, सहायक लोक सम्पर्क अधिकारी आई0डी0 राणा, एचडीओ डा0 बाबू राम , तहसील कल्याण अधिकारी संजीव धीमान तथा एचडी भाटिया के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्य सुख राम, सुरजीत सिंह तथा लोभी राम डोड भी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY