कुल्लू में 22,606 लोगों को मिल रही है सामाजिक सुरक्षा पैंशन-

2015-16 में पैंशन के रूप में दी साढे 18 करोड़ की धनराशि-

राजीव कुल्लू ब्यूरो-अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, बीपीएल, विकलांग, वृद्ध, विधवा और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से इन सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना और उन्हें समाज में सम्मान दिलाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विभिन्न विभागों विशेषकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से करोड़ो की धनराशि खर्च की जा रही है।   सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना, गृह निर्माण योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता, अनुवर्ती कार्यक्रम, कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम, अंतरजातीय विवाह पुरस्कार और अन्य योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है। कुल्लू जिला की चर्चा करें तो इस जिले में 22,606 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन दी जा रही है। जिला कल्याण अधिकारी प्रताप नेगी ने बताया कि कुल्लू जिला में वित वर्ष 2015-16 के दौरान सामाजिक सुरक्षा पैंशन पर लगभग साढे अठारह करोड़ की धनराशि खर्च की गई। इसी अवधि में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के 194 गरीब परिवारों को मकान निर्माण के लिए 75-75 हजार रुपये दिए गए। इन्हीं वर्गों के 330 कुशल कारीगरों को अपना व्यवसाय आरंभ करने के लिए अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत 5.94 लाख रुपये के आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए। वित वर्ष 2015-16 में ही एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के 117 युवाओं को एक साल का निशुल्क कंप्यूटर कोर्स करवाया गया तथा उन्हें प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति भी दी गई। इन युवाओं के प्रशिक्षण व छात्रवृत्ति पर लगभग चार लाख की धनराशि खर्च की गई। इसी अवधि में अंतरजातीय विवाह करने वाले 12 दंपत्तियों को 50-50 हजार के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल्लू जिला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान और सम्मान किया जा रहा है।

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