(शैलेश कुमार पाण्डेय )

छपरा (सारण)  : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा के कड़े प्रबंध प्रशासन के द्वारा किये गये थे. हवाई अड्डा, रामजयपाल कॉलेज, राजेंद्र स्टेडियम, समाहरणालय में बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया था. हवाई अड्डा से लेकर दारोगा राय चौक तक बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती से पूरा शहर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. सुबह से ही लाठी बल, सशस्त्र बल तथा पुलिस पदाधिकारियों को तैनात कर दिया गया था. सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार राज ने संभाली. सहायक पुलिस अधीक्षक मनीष तथा अपर पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण कुमार, एसडीपीओ मो अली अंसारी, अशोक कुमार सिंह को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था. मुख्यमंत्री के सुरक्षा दल में शामिल विशेष सुरक्षा कर्मी मंच की सुरक्षा में लगे थे.

हेलीपैड से लेकर समारोह स्थल और समाहरणालय सभागार तक पटना से आये सुरक्षा कर्मी तैनात रहे. सुरक्षा के मद्देनजर राजेंद्र स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर फ्रेम डोर मेटल डिटेक्टर लगाये गये थे. नगर थानाध्यक्ष रवि कुमार, भगवान बाजार थानाध्यक्ष महेश प्रसाद यादव तथा यातायात प्रभारी नीलमणि रंजन हवाई अड्डा से लेकर दारोगा राय चौक तक लगातार पेट्रोलिंग करते रहे.

दर्जनों स्थान पर बना ड्राॅप गेट : सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता बनाने के लिए मुख्य सड़क से जुड़नेवाले संपर्क पथों पर ड्राॅप गेट बनाये गये थे. हवाई अड्डा से लेकर दारोगा राय चौक तक वाहनों का आवा-गमन नियंत्रित कर चलाया गया. गांधी चौक, मेवालाल चौक, मौना चौक, नगरपालिका चौक, थाना चौक, महमूद चौक, दारोगा राय चौक समेत अन्य स्थानों पर ड्राॅप गेट बनाये गये थे.

जनप्रतिनिधियों से जाना 2016_5$largeimg212_May_2016_072609450विकास योजनाओं का ब्योरा 

 

इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री कुमार ने सारण, सीवान, गोपालगंज से आये कम-से-कम तीन दर्जन जनप्रतिनिधियों से प्रमंडल में विकास एवं कल्याण की योजनाओं की प्रगति के संबंध में जानकारी व सुझाव लिये. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि सरकार के सात निश्चयों को धरातल पर उतारने में पदाधिकारियों के साथ पूरी तरह तालमेल बना कर

आमजनों की उम्मीदों पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करें. बैठक के दौरान छपरा के विधायक डॉ सीएन गुप्ता ने मुख्यमंत्री को आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने छपरा नगर पर्षद को नगर निगम का दर्जा दिये जाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए अविलंब कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

 

बिहार का गौरवशाली अतीत लौटेगा : डॉ अशोक

 

शिक्षा मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने कहा है कि बिहार अपने गौरवशाली अतीत को वापस लायेगा. जीविका की ओर से आयोजित  कार्यक्रम में डॉ चौधरी ने कहा  कि शराबबंदी लागू करना मामूली बात नहीं है. बापू के चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं. शराबबंदी लागू करना बापू का सपना था, जिसे लागू कर सीएम नीतीश कुमार की सरकार ने एक नये सत्याग्रह का सूत्रपात किया है. सामाजिक आंदोलन है शराबबंदी : चंद्रिका

 

परिवहन मंत्री चंद्रिका राय ने कहा है कि शराबबंदी बहुत बड़ा सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलन है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू होने से वह लोग भी खुश हैं, जो शराब पीते थे. गांव से शहर तक का माहौल बदला है. लोगों का सोच बदला है. इससे सामाज में शांति व सद्भावना कायम हुई है. उन्होंने कहा कि गुजरात में भी शराबबंदी लागू है, लेकिन कानून कमजोर है.

 

कुप्रथा को किया दूर : मुनेश्वर

 

खनन एवं भूतत्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शराबबंदी लागू कर एक बहुत बड़ी कुप्रथा को दूर करने का प्रयास किया है, जिसे सफल बनाने में सभी का सहयोग अपेक्षित है. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि नीतीश कुमार की इस मुहिम को सार्थक बनाने के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखें. उन्होंने कहा कि महिलाओं की मांग पर ही शराबबंदी लागू की गयी है.

सख्ती से लागू शराबबंदी कानून : आयुक्त

 

शराब बंदी कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है. उक्त बातेंं प्रमंडलीय आयुक्त प्रभात शंकर ने राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित जीविका के शराबबंदी कार्यक्रम में बुधवार को कहीं. उन्होंने कहा कि प्रमंडल के सभी जिलों में सरकारी निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन हो रहा है. शराबबंदी कानून लागू होने से एक साथ कई समस्याओं का निराकरण हुआ है. उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा लिया कि आपकी उम्मीद व सपनों के अनुरूप अधिकारी कार्य कर रहे हैं. आयुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे प्रमंडल के सभी थानों की पुलिस के द्वारा सघन जांच की जा रही है.

 

एक दिन का मजा 10 साल की सजा : सिंह

एक दिन के मजे के लिए मिलेगी

 

दस साल की सजा. उक्त बातें मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने राजेंद्र स्टेडियम में जीविका की ओर से आयोजित नशाबंदी कार्यक्रम में बुधवार को कहीं. उन्होंने

 

कहा कि सीमा पार शराब पीने जानेवालों को महिलाएं सचेत करें और उन्हें यह बात बताएं कि

एक दिन मजा करने के एवज में 10 वर्ष की सजा मिलेगी. उन्होंने शराबबंदी अभियान की चर्चा

करते हुए इस नये कानून के लागू होने से महिलाओं को सबसे अधिक लाभ पहुंचा है. महिलाएं पहले से प्रयासरत थीं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी.

 

बाबा साहेब का सपना हुआ साकार : शिवचंद्र

कला-संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री शिवचंद्र राम ने कहा शराबबंदी लागू होने से बाबा साहेब का सपना साकार हुआ है. बाबा साहब भीम राव अांबेडकर शराबबंदी लागू करने के बहुत बड़े हिमायती थे. उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ उन दलित व कमजोर वर्ग के परिवारों को होगा.

 

, जो हमेशा शराब के नशे में डूबे रहते थे. अब वह अपने परिवार के आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए सोचेंगे.

 

 

शराबबंदी पर दिया विशेष बल

शराबबंदी सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है. इस मामले में बिहार पूरे देश के सामने नजीर बनेगा. शराब बनाने, बेचने व पीने की सूचना फौरन पुलिस या उत्पाद विभाग को दें. महिलाएं मुस्तैद रहें, सरकार पूरी ताकत से उनके साथ है. ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका की महिला सदस्यों को संबोधित करते हुए छपरा के राजेंद्र स्टेडियम में कहीं. उन्होंने कहा कि चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरे होने पर बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर बापू के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनके विचारों के प्रति विश्वास प्रकट किया गया है. सीएम ने कहा कि बिहार ने शराब बंद की, तो अन्य राज्यों में भी आवाजें उठने लगी हैं. महाराष्ट्र, पंजाब, ओड़िशा, झारखंड व राजस्थान में भी मांग की जाने लगी है. शराबबंदी के समर्थन के लिए देश में जहां बुलाया जायेगा, मैं वहां जाऊंगा. हमारे इस कदम को व्यापक समर्थन मिल रहा है. बच्चे व महिलाएं खासतौर पर खुश हैं. जहां

हंगामा, मारपीट व अशांति थी, वहां शांति व खुशहाली का माहौल है. लोग घर-परिवार के साथ समय गुजार रहे हैं.

उत्पाद नीति पूर्णत: सफल होगी

सीएम ने कहा  कि मद्य निषेध पर आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रमों में उत्साह व उमंग देख कर यह विश्वास पैदा होता है कि सरकार की उत्पाद नीति पूर्णत: सफल होगी. उन्होंने कहा कि हमेशा से मेरे मन में शराब को बंद करने का विचार रहता था, परंतु इसकी सफलता पर द्वंद भी था, लेकिन जहां जाता महिलाओं का दर्द सुन कर मन बनता जा रहा था. अंतत: उन्हीं की मांग पर इसे लागू करने की घोषणा भी हो गयी.

पूरे सूबे में चला आंदोलन 

सीएम ने कहा कि पूरे राज्य में मद्य निषेद्य का आंदोलन चलाया गया. देश में पहली बार एक करोड़ 19 लाख अभिभावकों से बच्चों ने शपथपत्र भरवाया,  नौ लाख स्थानों पर वाॅल राइटिंग हुई व साढ़े आठ हजार नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से शराब न पीने के संदेश दिये गये.

पूरे राज्य में एक जबरदस्त वातावरण बना और मैंने पहले देशी बंद करने के विचार को पूर्णत: प्रतिबंध का आदेश दे दिया. उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल बनाने के लिए मैं बिहार के लोगों विशेषत: महिलाओं का अभिनंदन करता हूं. उन्होंने इसे सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत बताते हुए कहा कि स्वभाव, व्यवहार, विचार में बदलाव आ रहा है. लोग विकसित होंगे, तो देश विकास करेगा.

महिलाएं हैं ध्वज वाहक 

मुख्यमंत्री ने जीविका कार्यक्रम को आगे जारी रखने का संकेत देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य 10 लाख समूह बनाने एवं डेढ़ करोड़ परिवारों को उनसे जोड़ने का है. इससे रोजगार का सृजन तो हो ही रहा है, उनके सशक्त होने से समाज सशक्त होता है.  उन्होंने महिलाओं को ध्वज वाहक बताते हुए कहा कि आप आगे बढ़ेंगी, तो बिहार को भी आगे ले जायेंगी. कार्यक्रम को परिवहन मंत्री चंद्रिका राय, शिक्षा मंत्री डॉ अशोक चौधरी, खनन मंत्री मुनेश्वर चौधरी, कला एवं संस्कृति मंत्री शिवचंद्र राम, मुख्य सचिव अजंनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर ने संबोधित किया. मौके पर गृह विभाग के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, जीविका के कार्यपालक पदाधिकारी बाला मुरूगन डी, जोनल आइजी पारसनाथ, कमिश्नर प्रभा शंकर, डीआइजी अजीत कुमार राय समेत छपरा, सीवान, गोपालगंज के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे.कड़ी नजर रखी जायेगी सीएम ने कहा कि पहले भी शराबबंदी हुई थी, मगर उसकी खामियां व त्रुटियां गिना कर उसे पुन: चालू कर दिया गया. मगर इस बार सरकार ने गहन समीक्षा कर व कड़े कानून बना कर पुख्ता व्यवस्था की है. चूंकि यह आंदोलन से निकली व्यवस्था है अत: आगे भी उस पर नजर रखनी होगी. सुरक्षा हटी, दुर्घटना घटी के तर्ज पर चौकसी बरतनी होगी. इसके लिए फुल प्रूफ व्यवस्था की गयी है. देश के कई राज्यों में पहले से शराबबंदी है.

बनारस में आज करेंगे सम्मेलन को संबोधित यूपी के बनारस में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के राजनीतिक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के  पिंडरा में जदयू अध्यक्ष के तौर पर नीतीश की पहली सभा होगी. यूपी जदयू  की ओर से सम्मेलन की तैयारी की गयी है. सम्मेलन में भाग लेने बिहार जदयू के दर्जनों नेता बनारस में कैंप कर रहे हैं.

 

गुणवत्ता व समय से समझौता नहीं : नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए हर स्तर पर कार्रवाई करना तथा उसे पूर्णता प्रदान करना अधिकारियों की जिम्मेवारी है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को जीविका के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के बाद समाहरणालय के डीएम प्रकोष्ठ में राज्य के वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में सारण, सीवान व गोपालगंज जिले के विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं समेत अन्य सभी योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, गृह सचिव आमिर सुबहानी, डीजीपी पीके ठाकुर, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन के अलावा कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने अपराध पर हर हाल में काबू पाने, शराब बंदी को पूर्ण रूप से लागू किये जाने के बाद इस पर कड़ी निगरानी रखने समेत सात निश्चयों को जन-जन तक पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने का भी निर्देश दिया.बैठक के दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास एवं कल्याण की योजनाओं को धरातल पर उतार कर जन-जन तक पहुंचाने में आपसी समन्वय बनाकर काम करें. सरकार के सात निश्चयों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जायेगी. बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रमंडलीय आयुक्त प्रभात शंकर से भी तीनों जिलों की विकास एवं कल्याण के योजनाओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी ली. लगभग चार घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर के वरीतम पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रमंडल के विकास को लेकर कई आवश्यक सुझाव व निर्देश भी दिये. इस दौरान उन्होंने विद्युतीकरण, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, समाज कल्याण, परिवहन,राजस्व के अलावा विधि व्यवस्था से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की. समीक्षा के दौरान संबंधित पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री ने बेहतर कार्य के लिए उनकी योजना पर भी विचार जाना, जिससे निर्धारित समय पर गुणवत्ता पूर्ण कार्य किया जा सके. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि समय एवं गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जायेगा. बैठक के दौरान जिला एवं अनुमंडल स्तर पर नवगठित जन शिकायत निवारण पर भी विस्तृत चर्चा की व आम जनों की शिकायतों के शत-प्रतिशत निष्पादन निर्धारित अवधि में करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित  किया .

 

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