पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में मिले यूपी के शूटरों के शामिल होने के संकेत
– मोबाइल के कॉल डिटेल्स से खुल सकता है हत्या का राज
– पत्रकार के हत्या पर राजनितिक दलों के नेताओ ने शुरू की बयानबाजी
(फिरोज आलम )
सीवान : पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच में जुटी एसटीएफ व स्थानीय पुलिस अपनी छानबीन में लगातार कामयाबी मिलने का दावा कर रही है. घटना में यूपी के शूटरों के शामिल होने के संकेत मिले हैं. उनके ठिकानों पर छापेमारी के लिए पुलिस टीम रवाना हुई है. सोमवार को यहां पहुंचे आइजी, मुजफ्फरपुर रेंज पारसनाथ ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक बाकी की. इसमें अब तक की छानबीन की जानकारी ली. साथ ही जल्द-से-जल्द हत्यारों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी करने का निर्देश दिया. आइजी ने निर्देश दिया कि जिले में भाड़े के बदमाशों ने अब तक जिन घटनाओं को अंजाम दिया है, उनकी भी छानबीन की जानी चाहिए. इस बीच बताया जाता है कि पुलिस सभी संदिग्ध शूटरों की सूची तैयार कर उनके बारे में जानकारी एकत्रित कर रही है. इसको लेकर ही एक टीम यूपी के पूर्वी जिलों के संदिग्ध शूटरों की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गयी है.
इसके अलावा पुलिस ने जिले के अन्य आधा दर्जन स्थानों पर भी चौथे दिन छापेमारी की. प्रतापपुर से पुलिस मुंशी मियां को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. इसकी पहचान अपराध जगत में शूटर के रूप में है. पूर्व में गिरफ्तार किये गये उपेंद्र सिंह के बयान पर ही पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया था. इसके कबूल किये जाने के मुताबिक ही पुलिस ने मुंशी मियां को भी हिरासत में लिया है. उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. इससे पुलिस को और कई जानकारियां मिली हैं. उधर, सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल से भी पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं. इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गयी है. साथ ही हिस्ट्रीशीटर लड्डन मियां की भी तलाश जारी है. एसपी सौरभ कुमार साह ने कहा कि पुलिस की जांच व कार्रवाई सही दिशा में चल रही है. शीघ्र ही घटना का खुलासा कर दिया जायेगा.

मोबाइल के कॉल डिटेल में हत्या का राज

पुलिस घटनास्थल पर मौजूद दो सीसीटीवी कैमरों के फुटेज व पत्रकार के मोबाइल का कॉल डिटेल को खंगाल रही है़ इससे मामले की खुलासे की संभावना दिख रही है़ ऐसे पुलिस हर संदिग्ध से पूछताछ कर रही है़ पत्रकार राजदेव रंजन के दो मोबाइलों के चार सिमों के कॉल डिटेल को पुलिस ने निकाल कर उसका अध्ययन किया है. पुलिस ने उनके मोबाइल पर आये अंतिम कॉल की भी छानबीन की. इसमें उस नंबर के सिम के लिए प्रयोग किया गया आइडी फर्जी निकला है.

पुलिस सिम जारी करनेवाले दुकानदार का भी पता लगा रही है. राजदेव के मोबाइल पर सबसे अधिक संख्या में आये कॉल की इसके अलावा हर कॉल के टावर लोकेशन तथा उन नंबरों से अन्य लोगों को किये गये कॉल का भी पुलिस अध्ययन कर रही है.
फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट से भी उम्मीद

घटनास्थल के करीब सरिया की दुकान व एक होटल पर सीसीटीवी कैमरों के फुटेज व दूसरी तरफ सरिया व सीमेंट की दुकान के सीसीटीवी से छेड़छाड़ की बात सामने आयी है. इसे देखते हुए सीसीटीवी लगाने वाले मेकैनिक राधेश्याम को पुलिस ने हिरासत में लिया है. साथ ही फुटेज जांच के लिए पटना स्थित फोरेंसिक लैब में भेज दिया गया, जहां अब तक की जांच में मिली जानकारी के अनुसार फुटेज से की गयी छेड़छाड़ के बाद भी तकरीबन 70 फीसदी से अधिक हिस्से की रिकवरी हो चुकी है. इनकी गहनता से जांच की जा रही है़

त्यारों की िगरफ्तारी को लेकर पक्ष-िवपक्ष का एक मत, जांच में और तेजी लाने की मांग
हत्या के आरोपित की जल्द हो गिरफ्तारी : राजद

पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के विरोध में सोमवार को राजद कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. राजद नेताओं ने जेपी चौक पर धरना दिया. इस मौके पर नेताओं ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या से हर कोई मर्माहत है. इस घृणित कार्य को अंजाम देनेवालों को कभी बख्शा नहीं जायेगा. धरना में वक्ताओं ने भाजपा पर पुलिस का ध्यान बंटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पचरुखी के खाद व्यवसायी हरिशंकर सिंह की हत्या के साजिशकर्ता का नाम सामने आ चुका है. उसकी गिरफ्तारी पुलिस को तत्काल करनी चाहिए.

अपराधी चला रहे सूबे में सत्ता : पप्पू यादव

सीवान. सोमवार को मधेपुरा के सांसद व जनाधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव दिवंगत पत्रकार राजदेव रंजन के परिजनों से मिलने उनके गांव हकाम पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार को अपराधियों का बोलबाला है और अपराधी ही सरकार चला रहे हैं. आज आम आदमी डरे-सहमे हुए हैं. सूबे के मुखिया पटना में जनता दरबार लगा रहे हैं, लेकिन सीवान में आंसू पोछने तक नहीं पहुंच रहे हैं.

आज के परिवेश में सभी दल अपराधियों की बदौलत ही सत्ता हासिल करने में विश्वास करने लगे हैं.
राजदेव रंजन की हत्या सुनियोजित : शाहनवाज

बिहार में इस समय सुशासन नहीं, महाजंगल का राज चल रहा है. हर तरफ हत्या की घटना दिनदहाड़े हो रही है. पत्रकार राजदेव की हत्या एक सुनियोजित तरीके से हुई है. इस शोक की घड़ी में बीजेपी पत्रकार के परिवार के साथ है. उक्त बातें बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहीं. उन्होंने हकाम गांव पहुंच कर शहीद पत्रकार के परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान पहले उन्होंने पत्रकार के पिता से मिल कर कई बिंदुओं पर चर्चा की और कहा कि इस दुख की घड़ी में हम सभी आपके साथ हैं.

राजदेव की पत्नी ने कहा, सीबीआइ जांच पर भरोसा

पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के तीसरे दिन सोमवार को भी पुलिस इस मामले में कुछ भी खुलासा नहीं कर सकी़ पुलिस अभी तक एक दर्जन लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है़ वहीं कुछ लोगों से पूछताछ कर भी रही है, लेकिन किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है़ इधर, हत्याकांड की जांच सीबीआइ से कराने की घोषणा पर राजदेव की पत्नी आशा यादव ने संतोष जताया है और कहा है कि सीबीआइ जांच

पर मुझे भरोसा है़ सीबीआइ जांच से हत्या के सभी रहस्य से परदा उठ जायेगा और इसमें शामिल हत्यारों तक सीबीआइ पहुंचने में कामयाब होगी़ आशा ने राज्य सरकार से अपनी व परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा की मांग की़ उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है़ घर पर महज दो सिपाही ही तैनात किये गये हैं़

पत्रकार की बेटी को पढ़ायेंगे विधान पार्षद भारती

पटना़ बिहार कांग्रेस के उपाध्यक्ष व विधान पार्षद रामचंद्र भारती ने मृत पत्रकार राजदेव की बेटी साक्षी को पटना में अच्छे स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेवारी ली है. साक्षी की शिक्षा-दीक्षा का सारा खर्च वे वहन करेंगे. विधान पार्षद रामचंद्र भारती ने मृत पत्रकार राजदेव के शोक संतप्त परिवार से मिल कर उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने राजदेव की बेटी साक्षी उर्फ डॉली को गोद लेने की घोषणा की. उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें केवल राज्य में हो रही घटनाएं दिखती हैं.

राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई नजर नहीं आती है. गया का आदित्य हत्या कांड हो या राजबल्लभ सेक्स स्कैंडल राज्य सरकार ने कार्रवाई में मुस्तैदी दिखायी, जो सराहनीय है.

विधान पार्षद के साथ पत्रकार के परिजनों से मिलनेवाले शिष्टमंडल में विनयचंद्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार सिंह विजय यादव, विंदूशेखर पांडे, बजरंग सिंह, कमलदेव नारायण शुक्ला व निलेश तिवारी शामिल थी.
जमीन संबंधी विवाद के नहीं मिले साक्ष्य

हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. इसी क्रम में जमीन संबंधी विवाद से जुड़ी किसी शिकायत के अंदेशा में भी पुलिस खंगाल रही है. इसी क्रम में राजदेव रंजन के गांव हकाम के कुछ लोगों के अलावा उनकी
ससुराल रघुनाथपुर थाने के हरपुर में जाकर भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है. इसमें पुलिस को घटना से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं हासिल हो सका है. इसके बाद भी पुलिस इस क्षेत्र में जांच पर लगी है.

पत्रकार की हत्या में शार्प शूटर का हाथ!

राजदेव को पांच गोलियां मारी गयी थीं. बदमाश वहां से तब तक नहीं हिले, जब तक कि उनकी मौत होने का विश्वास नहीं हो गया. बदमाशों के अपराध को अंजाम देने के तरीकों के आधार पर ही पुलिस ने मान लिया कि घटना को शार्प शूटरों ने अंजाम दिया होगा. इसके बाद सबसे पहले हाथ लगा नगर के विशेश्वर नगर निवासी उपेंद्र सिंह व उसके अन्य तीन साथी. जीरादेई थाने के भैंसाखाल स्थित ईंट भट्ठे से पुलिस चार लोगों को गिरफ्तार करती है. इसके बाद पुलिस की मानें, तो परत-दर-परत राज खुलने लगा. पुिलस ने िहरासत में िलये गये लोगों से पूछताछ की़ इससे भी कई बातें सामने आयीं हैं़

गिरफ्तार मुंशी मियां पर दर्ज हैं कई मामले

हुसैनगंज निवासी मुंशी मियां की पहचान कुख्यात शूटर के रूप में रही है और उस पर विभिन्न थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट, रंगदारी आदि के मामले दर्ज हैं. इसने कई ऐसी घटनाओं को भी अंजाम दिया, मुंशी पर हुसैनगंज, नगर, मुफस्सिल, आंदर आदि थानों में दर्ज हैं. वहीं, नगर थाने का दक्षिण टोला निवासी नन्हकु मियां भी कुख्यात रहा है.

वहीं, पुरानी किला निवासी रिंकू मियां पर हत्या आदि का कोई बड़ा अारोप तो नहीं है, रामनगर निवासी लडन मियां हाल में ही एक जानलेवा हमले के मामले में मंडल कारा से जमानत पर छूटा है और उसके छूटने के एक पखवारे के अंदर ही राजदेव रंजन की हत्या हो गयी.

आइजी ने की बैठक

आइजी पारसनाथ ने सोमवार को एसपी कार्यालय में बैठक कर राजदेव हत्याकांड के खुलासे के लिए गठित टीम के साथ बैठक की. आइजी ने इस दौरान राजदेव हत्याकांड में अब तक की हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए कई आवश्यक निर्देश जारी किये. उन्होंने इस मामले का शीघ्र खुलासा करने का आदेश दिया. इस बैठक में डीआइजी अजीत कुमार राय, एसपी सौरभ कुमार साह, डीएसपी विजय कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे.

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