बिलासपुर 21 मई 2016ः युवाओं में विज्ञानिक प्रोद्योगिकी में रूझान लाने के लिए पूर्व प्रधान मन्त्री स्वर्गीय राजीव गांधी की दूरगामी सोच का विशेष योगदान है उन्होंने वर्षो पूर्व भारत को विज्ञानिक तकनीक से परिपूर्ण करने का जो सपना देखा था वह आधुनिक भारत में साकार हो रहा है ।
हिमाचल प्रद्देश:पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह
हिमाचल प्रद्देश:पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह
यह उदगार मुख्य संसदीय सचिव(वन) राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के घण्डालवीं  जंजघर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह में अपने श्रद्धासुमन अर्पित करने के उपरान्त प्रकट किए । उन्होंने कहा कि स्व0 राजीव गांधी की सोच और प्रयासों का प्रतिफल है भारत में 18 वर्ष के युवाओं को वोट डालने का अधिकार प्राप्त हुआ है जिसके चलते वे लोकतन्त्र में अपनी प्रभावशाली सहभागिता से देश की दिशा व दशा बदलने में अपनी सशक्त भूमिकाओं का निर्वहन कर रहे है ।धर्माणी ने कहा कि मानव मुल्यों को नुकसान पहुंचाने वाली विघटनकारी शक्तियों से एक जुट होकर लड़ने से ही देश में शान्ति, सामाजिक सदभाव व भ्रातृभाव को कायम किया जा सकता है । उन्होंने जंजघर घण्डालवीं में अतिरिक्त शैड निर्माण के लिए चार लाख रू0 देने की घोषणा भी की ।
इस अवसर पर मण्डलाध्यक्ष कांग्रेस नन्दलाल शर्मा, मनोहर लाल, आत्मा परियोजना के अध्यक्ष सुभाष कुमार, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण वर्ग के सदस्य विजय कुमार, ग्राम पंचायत भराड़ी के प्रधान हेम सिंह के अतिरिक्त विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्थानीय गणमान्य लोगों व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों ने पूर्व प्रधानमन्त्री स्व0 राजीव गांधी के चित्र पर माल्यापर्ण व पुष्प अर्पित किए ।
इसके उपरान्त राजेश धर्माणी ने रेशम कीट पालन विभाग द्वारा आयोजित किसान जागरूकता शिविर की अध्यक्षता करते हुए जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार रेशम कीट पालन व्यवसाय बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास व कीट पालकों को प्रोत्साहित कर रही है । उन्होंने कहा कि कीट पालकों को व्यवसाय के विस्तार के लिए 90 प्रतिशत तक उपदान उपलब्ध करवाया जा रहा है तथा कोकून की खरीददारी के भाव में निरन्तर बढ़ोतरी की जा रही है ।उन्होंने कहा कि जिला में धागा फैक्टरियों की स्थापना के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे है इन फैक्टरियों के आरम्भ होने से न केवल रेशम कीट पालकों की आर्थिकी में बढ़ौतरी ही होगी बल्कि स्वरोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध होंगे । उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रेशम उत्पादन करने में बिलासपुर जिला अब्बल है ।
इस अवसर पर उन्होंने लोगों से भीषण गर्मी व जल की कमी को देखते हुए आहवान किया कि वे अपने आसपास के क्षेत्रों के प्राकृतिक जलस्त्रोतों का संरक्षण करें तथा उनकी निरन्तर साफ सफाई भी करना सुनिश्ति बनाए ताकि निरन्तर जल की बढ़ती विकराल समस्या से निजात पाई जा सके ।
इस शिविर में उप निदेशक रेशम कीट पालन विभाग बलदेव चौहान सहित जिला के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 150 रेशम कीट पालकों ने भाग लिया ।

LEAVE A REPLY