(मानवेन्द्र मिश्र )

गोपालगंज : लम्बे समय से दियारा वासियों की चल रही मांगे अब पूरा होने की सम्भावना दिख रही है , गंडक नदी के बाढ़ से बचाव के लिए सरकारी स्तर पर अहम फैसला लिया गया. पतहरा तटबंध पर पक्की सड़क बना कर बांध को मजबूत करने का फैसला लिया गया है, ताकि बांध के इस पार रहनेवाले आबादी को साल दर साल आनेवाले बाढ़ के खतरा से बचाया जा सके. जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ,पथ निर्माण विभाग के पंकज कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्य अभियंता मॉनीटरिंग इंदु भूषण प्रसाद, अधीक्षण अभियंता मॉनीटरिंग शांति रंजन की टीम विशेष हेलिकाॅप्टर से  गोपालगंज पहुंच कर गंडक नदी से बचाव पर तीन घंटा तक अहम मंथन किया. अधिकारियों के साथ बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष अब्दुल हामिद मुख्य अभियंता गुंजन राम, अधीक्षण अभियंता, पुल निर्माण विभाग के प्रबंधक सुनील कुमार, कार्यपालक अभियंता शरत कुमार आदि के साथ अधिकारियों ने हर पहलू पर चर्चा की. इस दौरान गंडक नदी पर बनाये गये महासेतू के निर्माण के दौरान बेतिया के साइड से बंद

पतहरा तटबंध पर…

 

किये गये मुहाना को खोल कर तत्काल प्रभाव से उसे सफाई करने का निर्देश दिया गया है. पहले से बनाये गये पाइलट चैनल में शिल्ट को ड्रेनेज कर एक्टिवेट करने का निर्देश दिया गया है. पतहरा के विक प्वाइंट को किट्स देकर मजबूत करने का निर्देश दिया गया है साथ ही पतहरा छरकी पर जीएफटी सड़क नये तकनीक से बनाने का निर्णय लिया गया. ताकि बांध को पूरी तरह से मजबूत किया जा सके. पुल से उपर की सेलिटेशन को पूल निर्माण निगम तथा नीचे के साइड पर बाढ़ नियंत्रण विभाग को लगातार बाढ़ के दौरान आने वाले शिल्ट को हटाने का निर्देश दिया गया है.

 

घंटों अधिकारियों ने गोपालगंज के डीएम राहुल कुमार तथा बेतिया के डीएम लोकेश कुमार से भी बाढ़ से बचाव के तामम बिंदुओं पर चर्चा की. इतना ही नहीं बाढ़ से स्थायी निदान के लिए अधिकारियों ने काफी मशक्कत किया. बता दें कि अप्रैल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महासेतु के उद्घाटन के दौरान विधायक सुभाष सिंह ने बाढ़ से स्थायी निजात की मांग उठायी थी. सीएम के आश्वासन पर अध्ययन दल ने एक महीने तक मंथन करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है.

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