भागलपुर: भागलपुर  को पहले स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा. मंगलवार को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने बिहार के तीसरे सबसे बड़े शहर भागलपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा की. इसके अलावा बिहार के लिहाज से जो खास बात रही उसके मुताबिक केंद्र सरकार ने पटना समेत सात राज्यों की राजधानियों को स्मार्ट सिटी की अगली प्रतिस्पर्धा में एक बार फिर शामिल होने की अनुमति दी. केन्द्र सरकार की तरफ से चुने गए 100 शहरों की सूची में बिहार से तीन शहर थे लेकिन 20 शहरों की पहली सूची से ये तीनों शहर भागलपुर, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ बाहर हो गए थे. केन्द्र ने अप्रैल में छूटे हुए राज्यों के शहरों के लिए फास्ट ट्रैक प्रतियोगिता आयोजित की थी जिसमें 23 शहरों को स्थान मिला था. स्मार्ट सिटी के लिए चुने गए भागलपुर के विकास पर 5 वर्ष तक हर साल 200-200 करोड़ खर्च होंगे. भागलपुर ने विकास जो खाका पेश किया है, उसपर 1325 करोड़ खर्च आएगा. अगले पांच साल तक शहर की सूरत सुधारने के लिए प्रति वर्ष 200 करोड़ रुपए दिए जाएंगे इसमें 100 करोड़ रुपए केन्द्र और 100 करोड़ रुपए राज्य सरकार देगी. वेंकैया की घोषणा से भागलपुर नगर निगम ही नहीं सभी में उत्साह और खुशा का माहौल है. नगर निगम खुश है कि उसका प्रयास सफल रहा. पटना के साथ सात राजधानियों को स्मार्ट सिटी की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने की अनुमति दी है. इसमें शिमला, नया रायपुर, ईटानगर, अमरावती, बेंगलुरू तिरुवनंतपुरम शामिल है.

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