(मो फिरोज आलम )

सीवान : पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के मास्टरमाइंड अजहरूद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां को कोर्ट ने 48 घंटे के पुलिस रिमांड पर लेने की अनुमति दे दी है. लड्डन ने गुरुवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में समर्पण कर दिया था. कोर्ट ने लड्डन को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. आज मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने लड्डन को पुलिस रिमांड पर भेजा.

13 मई को अपराधियों ने वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मार कर हत्या कर दी थी. घटना की जांच के दौरान पुलिस ने 25 मई को हत्याकांड का खुलासा करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही पुलिस  घटना का मास्टरमाइंड नगर थाने के रामनगर निवासी लड्डन मियां को मानते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी में जुटी थी.

इस बीच पुलिस ने लड्डन पर दबाव बनाने के लिए उसके घर पर इश्तेहार चिपकाने के साथ ही अब कुर्की के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था. इस पर गुरुवार को फैसला आनेवाला था. इसके चंद घंटे पहले ही लड्डन ने सीजेएम के कोर्ट में हाजिर होकर समर्पण कर दिया था. इसके बाद कोर्ट ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल  भेज दिया गया था. इस बीच नगर थाने ने कोर्ट में आवेदन देकर लड्डन को छह दिनों के लिए रिमांड पर देने की गुजारिश की है.

नगर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के मुताबिक रिमांड पर मिलने के बाद आरोपित से पूछताछ की जायेगी.

इससे घटना के पीछे के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है. गुरुवार को मुख्य शूटर रोहित व रिशु को दो दिन का रिमांड लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है. एसपी सौरभ कुमार साह ने कहा कि लड्डन से घटना के संबंध में पूछताछ करना हमारे लिए सबसे अधिक जरूरी है. अब तक की जांच में यह बात सामने आयी है कि पूरी घटना का लड्डन ही मास्टरमाइंड रहा है.

 

अब खुल सकता है हत्याकांड का राज

गुरुवार को लड्डन मियां के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद अब हर किसी को उम्मीद है कि पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड का राज शीघ्र खुल जायेगा और उनकी हत्या के सूत्रधार का खुलासा हो जायेगा.

 

हर किसी की निगाहें अब पुलिस व कोर्ट की कार्रवाई पर टिक गयी हैं. पुलिस को लड्डन मियां की बेसब्री से तलाश थी.

 

अब तक की पुलिस जांच में हर खुलासे के बाद लड्डन मियां ही पूरी घटना का मास्टरमाइंड साबित हो रहा था.

 

सीवान : पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के मास्टरमाइंड लड्डन मियां के गुरुवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद अब हर किसी को घटना के पीछे छिपे राज को जानने की उत्सुकता है. पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए पांच अपराधियों के मिल कर घटना को अंजाम देने की बात कही थी.

 

उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. इसके बाद से ही घटना के मास्टरमाइंड कहे जा रहे लड्डन मियां की तलाश जारी रही. लड्डन के कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद उसे जेल भेज दिया गया.अब उसको रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ करने की तैयारी में है. इससे अब तक राज बन कर रह गयी घटना से परदा उठने की उम्मीद है. इसमें लड्डन को आखिर पत्रकार राजदेव से किस बात की अदावत थी या किसी के इशारे पर लड्डन ने घटना को अंजाम दिलवाया. ये इन दोनों सवालों के अब जल्द ही हल होने की उम्मीद है.

 

घटना की रात से ही लड्डन पर थी नजर : देश भर में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन व सियासत के बीच पुलिस ने 12 दिनों के अंदर घटना का खुलासा करने का दावा करते हुए पांच आरोपितों को जेल भेज दिया था. खास बात है कि 13 मई की शाम पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या अपराधियों ने  गोलियों से भून कर कर दी थी. इसी रात संदिग्धों की तलाश में पुलिस के कई स्थानों पर की गयी छापेमारी में लड्डन का घर भी था. नगर थाने के रामनगर स्थित मकान पर दस्तक देने पहुंची पुलिस को मकान में ताला लगा मिला. आसपास के लोगों से जानकारी मिली कि चंद घंटे पहले ही घर में ताला लगा है. इससे पुलिस की आशंका और प्रबल हो गयी.

 

इधर, जांच में जुटी पुलिस को तमाम सूत्रों से लड्डन की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते गये. आखिरकार, 25 मई को घटना को अंजाम देनेवाले मुख्य शूटर रोहित के साथ उसके चार साथियों की गिरफ्तारी में लड्डन के साजिशकर्ता के रूप में हत्यारोपितों ने पुष्टि कर दी. इसके बाद से अब पुलिस के लिए लड्डन की तलाश सबसे अहम सवाल रह गया. इसके लिए जिले के अलावा कई राज्यों में भी पुलिस लड्डन की तलाश में खाक छानती रही.

 

हालांकि लड्डन पुलिस के हाथ नहीं आया. पुलिस के दबाव में ही सही, लड्डन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस अब उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गयी है. इसके तहत सीजेएम कोर्ट में आवेदन दाखिल हो गया है. पुलिस ने कोर्ट से छह दिनों का रिमांड मांगा है. रिमांड में पूछताछ के दौरान अब तक राज बन कर रह गयी घटना से परदा उठने की पुलिस को उम्मीद है.

 

प्रॉपर्टी डीलिंग के साथ अपराध से रहा है वास्ता : नगर थाने के रामनगर के निवासी कुंदन मियां के पुत्र लड्डन मियां का आपराधिक इतिहास रहा है. वह हिस्ट्री शीटर के रूप में कुख्यात रहा है. उसने कई घटनाओं को अपने हाथों से अंजाम दिया है. साथ ही अन्य घटनाओं में वह मास्टरमाइंड रहा है. लड्डन ने शहर में प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा भी जोर-शोर से अंजाम दिया है. लड्डन पर बगहां और झारखंड के जमशेदपुर में हत्या के चार मामले में दर्ज होने की भी बात सामने आ रही है. पुलिस उसके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है.

 

लड्डन पर जिले में दर्ज मुख्य मामले : नगर थाना कांड संख्या 548/15, आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला, नगर थाना कांड संख्या 47/09 आर्म्स एक्ट, नगर थाना 636/15, जानलेवा हमला व आर्म्स एक्ट, नगर थाना 141/15, जानलेवा हमला व साजिश, नगर थाना 67/99 जानलेवा हमला व आर्म्स एक्ट, वहीं सीवान मुफस्सिल थाना कांड संख्या 78/99, गोली मार कर हत्या व आर्म्स एक्ट, 194/99 डकैती, 195/99 आर्म्स के साथ गिरफ्तार, 36/2000 जानलेवा हमला,

 

126/11 व 130/11 मारपीट का मामला दर्ज है. साथ ही मुफस्सिल थाने में 195/2000, 207/2000 व 363/2000 सनहा दर्ज है. एसपी सौरभ कुमार साह ने बताया कि लड्डन का आपराधिक इतिहास अन्य थानों व बाहर के जिलों से भी मंगाया जा रहा है.

सभी की िनगाहें अब टिकीं कोर्ट व पुलिस की कार्रवाई पर

घटनाक्रम

पत्रकार राजदेव रंजन को मारी गोली, उपेंद्र सहित आधा दर्जन पुलिस की हिरासत में

पैतृक गांव हकाम में अंतिम संस्कार,  पत्रकारों का विरोध मार्च व शाम में कैंडल मार्च

पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर के मुंशी मियां को पुलिस ने उठाया, पूछताछ

मंडल कारा में शहाबुद्दीन से मिलने आये 63 मुलाकाती हिरासत में, 39 मोबाइल भी जब्त

पूर्व सांसद मो शहाबुदीन सीवान मंडल कारा से भागलपुर केंद्रीय जेल भेजे गये.

सीवान जेल से चंद्रशेखर हत्याकांड के सजायाफ्ता ध्रुव जायसवाल समेत सात मोतिहारी, बक्सर व गया जेल स्थानांतरित

हत्याकांड का खुलासा, पांच गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल व तीन बाइकें बरामद

लड्डन के खिलाफ वारंट

वारंट तामिला और इश्तिहार के लिए आवेदन, सुनवाई नहीं

इश्तिहार के लिए आवेदन

इश्तिहार चिपकाया गय

कुर्की जब्ती का आवेदन, अगले दिन की तिथि तय

लड्डन ने किया आत्मसमर्पण.

रोहित व रिशु से हो रही पूछताछ

पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के आरोपितों रोहित कुमार व रिशु कुमार को कोर्ट से रिमांड पर मिलने के बाद पुलिस गुरुवार को पूछताछ के लिए ले गयी. नगर थाना पुलिस के पास ये दोनों आरोपित 48 घंटे तक रहेंगे. इसके बाद निर्धारित समय सीमा समाप्त होने पर रोहित व रिशु को जेल भेज दिया जायेगा. घटना के संबंध में बताया जाता है कि रोहित ने ही पिस्टल से राजदेव पर गोलियां दागी थीं. इस दौरान रिशु बाइक चला रहा था. पुलिस की जांच में जो और पांच नाम सामने आये हैं, उसके संबंध में भी रिमांड पर लिये गये अभियुक्तों से पूछताछ की जा सकती है. साथ ही जांच में आये कुछ अहम बिंदुओं पर भी दोनों से पूछताछ की जायेगी. एसपी सौरभ कुमार साह खुद आरोपितों से पूछताछ कर रहे हैं.

 

 
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