गोपालगंज : शिक्षा विभाग ने अपीलीय प्राधिकार के आदेश पर नियोजित तीन सौ शिक्षकों को स्कूल में पढ़ाने पर रोक लगा दी है. इनका नियोजन शिक्षा विभाग से बिना सहमति लिये अपीलीय प्राधिकार के आदेश पर किया गया था. ऐसे शिक्षकों को स्कूल से बाहर का रास्ता दिखाते हुए 12 जून तक रिपोर्ट मांगी गयी है. शिक्षा विभाग के आदेश पर डीपीओ स्थापना संजय कुमार ने जिले के सभी प्रखंडों के बीइओ की बैठक में यह आदेश दिया है.डीपीओ ने स्पष्ट कर दिया है कि 24 जनवरी, 2014 के बाद अपीलीय प्राधिकार के आदेश पर नियोजित शिक्षकों ने बिना रिक्ति के ही योगदान करा दिया था, उन्हें स्कूल से बाहर कर दिया गया है. इन शिक्षकों की सूची भी मांगी गयी है. इनमें कई ऐसे शिक्षक हैं, जो सेटिंग कर भुगतान भी लेने में सफल रहे हैं. उन शिक्षकों के नाम पर हुए भुगतान को लेकर विभाग उलझा है. सैकड़ों शिक्षकों को नहीं मिला भुगतान : बिना रिक्ति के नियोजित सैकड़ों शिक्षक ऐसे हैं जिनको अभी वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है. वे आज भी विभाग का चक्कर लगा रहे थे. इस बीच शिक्षा विभाग के इस आदेश ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया है.नियोजित शिक्षकों के वेतन के लिए मांगा बजट : डीपीओ स्थापना ने सभी बीइओ से उनके क्षेत्र में प्रखंड, पंचायत, नगर इकाई के सभी शिक्षकों के वेतन के लिए वर्ष 2016-17 का बजट बना कर 15 दिनों के भीतर जमा करने का आदेश दिया है.

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वेतन विसंगति से संबंधित सभी प्रकार के प्रतिवेदन अलग-अलग  प्रपत्रों में 15 दिनों के भीतर जमा करने को कहा गया है. टीइटी के आधार पर नियोजित शिक्षकों का वेतन अप्रैल, मई, जून, 2015 तथा प्रथम भुगतान प्राप्त नहीं करनेवाले शिक्षकों की सूची एवं भेजी गयी पदस्थापन विवरणी की सत्यापित प्रति एक सप्ताह के भीतर जमा करने का आदेश दिया गया है.

अपीलीय प्राधिकार के आदेश पर नियोजित शिक्षकों का मामला

प्राधिकार का आदेश लेकर घूम रहे अभ्यर्थी

शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार का आदेश लेकर अभी एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थी नियोजन का सपना पाले घूम रहे हैं. गुरुवार को डीएम के जनता दरबार में विजयीपुर प्रखंड के बेलवा की उषा सैनी ने पहुंच कर कहा है कि प्राधिकार के आदेश के बाद भी उनको नियोजित नहीं किया जा रहा है. इस पर डीएम ने डीइओ को आदेश दिया है कि त्वरित कार्रवाई करें.

 

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