(शैलेश कुमार पाण्डेय )

गोपालगंज।  बाह रे बिहार की शिक्षा ब्यवस्था यहा तो  बिहार बोर्ड के परिणाम में बोर्ड द्वारा रिजल्ट के नाम पर पहेलियाँ बुझाया जा रहा है , ये कहावत एकदम चरितार्थ हो रही है की खोदा पहाड़ और निकल गयी चुहिया .बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की कारगुजारियों की वजह से देश भर में बिहार की छवि धूमिल हो रही है। इसके बावजूद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अपनी गलतियों से सबक लेने को तैयार नहीं है। ताजा मामला गोपालगंज से सामने आया है।जानकारी के मुताबिक गोपालगंज के बैकुंठपुर के कतालपुर निवासी शैलेश सिंह के बेटे सोनू कुमार ने बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा में साइंस विषय से परीक्षा दिया था। सोनू कुमार ने साइंस विषय में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ से परीक्षा दिया था लेकिन बोर्ड की लापरवाही की वजह से सोनू का रिजल्ट फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में घोषित कर दिया गया। गौरतलब है कि पीड़ित छात्र के एडमिट कार्ड में फिजिक्स, केमिस्ट्री, और मैथ विषय अंकित है। इसके बावजूद बोर्ड की लापरवाही की वजह से सोनू का रिजल्ट बायोलॉजी विषय से दे दिया गया। सोनू के पिता शैलेश सिंह के मुताबिक उनके बेटे का चयन जेईई एडवांस में हो गया है। लेकिन बोर्ड की लापरवाही की वजह से मैथ की जगह बायोलॉजी से रिजल्ट घोषित कर दिया गया। जिससे सोनू अब जेईई में एडमिशन भी नहीं ले सकता। गौरतलब है की सोनू कुमार ने छपरा के एसबी गर्ल हाई स्कूल सह इंटर कॉलेज, हरपूजन, सारण से नामांकन कर इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल हुआ था। लेकिन बोर्ड की लापरवाही से अब पीड़ित परिजन दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। पीड़ित छात्र के पिता शैलेश सिंह के मुताबिक उन्होंने बोर्ड का चक्कर भी लगाया, लेकिन उन्हें अब तक निराशा ही हाथ लगी है।

 

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