हिमाचल प्रदेश:आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए खर्चे जाएंगे 250 करोड़: सुधीर शर्मा
हिमाचल प्रदेश:आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए खर्चे जाएंगे 250 करोड़: सुधीर शर्मा

धर्मशाला, 07 जून – शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान वित वर्ष में 250 करोड़ रूपये बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन एवं प्रभावी भारतीय चिकित्सा पद्धति है तथा प्रदेश सरकार अपनी इस परम्परागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों के ढांचागत विकास और नई मशीनरी एवं उपकरण उपलब्ध करवाने तथा नई तकनीकी से जोड़ने के लिए प्रभावी पग उठाए गए हैं।
सुधीर शर्मा आज हिमाचल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी संगठन द्वारा धर्मशाला के डलझील के समीप टीसीवी सभागार में आयोजित ‘‘अभिनंदन समारोह’’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आयुर्वेंदिक केवल रोगों की चिकित्सा तक ही सीमित नहीं है, अपितु यह जीवन मूल्यों, स्वास्थ्य एवं जीवन जीने का सम्पूर्ण ज्ञान है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि इस समय प्रदेश मंे एक आयुर्वेद महाविद्यालय, 2 क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल, 32 अस्पताल, 1016 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र, 14 होमियोपैथिक, 3 आमची तथा 4 यूनानी केन्द्रों के माध्यम से लोगों को परम्परागत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि हिमाचल में औषधीय जड़ी-बूटियों एवं पौधों की अकूत सम्पदा है तथा सरकार इसके समूचित दोहन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला क्षेत्र में आयुर्वेद पद्धति को और बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में व्यापक स्तर पर औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में योग केन्द्रों को खोलने की सम्भावनाओं को तलाशा जाएगा।
इस दौरान आयुर्वेद विभाग के निदेशक आरके पुरथी ने सुधीर शर्मा को स्टीविया का पौधा भेंट किया।
इस अवसर पर ओएसडी आयुर्वेद डॉ0 दिनेश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा अपने विभाग से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सुधीर शर्मा ने आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों को आश्वासन दिलाया कि वे उनके द्वारा प्रस्तुत मांगों को मुख्यमंत्री एवं संबंधित मंत्री महोदय के समक्ष रखेंगे तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पूरा करने के लिए आग्रह करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहाकार गोकुल बुटेल, उप-महापौर देवेन्द्र जग्गी, एसडीएम धर्मशाला श्रवण मांटा सहित आयुर्वेद विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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