हिमाचल प्रदेश:कसोल को बनाएंगे इको टूरिज्म डेस्टीनेशन: भरमौरी

वन मंत्री ने मणिकर्ण घाटी में लिया वन विभाग के कार्यों का जायजा

वन एवं मत्स्य पालन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की वन संपदा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। साथ में प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर भविष्य में प्रत्येक जिला में पौधारोपण कार्यक्रमों एवं वन महोत्सवों का आयोजन किया जाएगा। वन मंत्री ने यह जानकारी वीरवार को मणिकर्ण घाटी के कसोल में वन अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि मणिकर्ण घाटी में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इस दिशा में सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। विशेषकर कसोल को एक आदर्श इको टूरिज्म डेस्टीनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को इको टूरिज्म से संबंधित व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। वन मंत्री ने मणिकर्ण घाटी में विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया और नर्सरियों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वन विभाग स्कूलों के विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों व अन्य संगठनों के सहयोग से पौधारोपण कार्यकम एवं वन महोत्सव आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि वन महोत्सवों के माध्यम से लोगों को वनों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। भरमौरी ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों के कारण अब एक हैक्टेयर वन भूमि पर विकासात्मक कार्यों की अनुमति प्रदान करने की शक्ति वन मंडल अधिकारियों को दी गई हैं। इससे पहले वन मंत्री ने शमशी स्थित एसएसबी के प्रशिक्षण केंद्र परिसर में पौधा रोपित करके वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर वन अरण्यपाल बीएल नेगी, डीएफओ कुल्लू डा.नीरज चडढा, डीएफओ पार्वती मंडल हीरा लाल राणा, डीएफओ अनीश शर्मा, एसएसबी के कमांडेंट संजीव यादव, डिप्टी कमांडेंट अनिल पठानिया, सहायक कमांडेंट शिवराम और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे

कर्मचारियों ने वन मंत्री से की नियमितीकरण की मांग वन विभाग कुल्लू के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी से मिला। इन कर्मचारियों ने वन मंत्री से दैनिकभोगी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। वन मंत्री ने इन कर्मचारियों की मांगों व समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि कर्मचारियों के नियमितीकरण और अन्य मांगों को शीघ्र पूरा करने के लिए अतिशीघ्र उचित कदम उठाए जाएंगे।

 

 

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