हिमाचल प्रदेश :आपदा के समय सम्बंधित अधिकारी पूर्ण सजगता , तत्परता तथा कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि कम से कम नुक्सान हो-मानसी सहाय ठाकुर

बिलासपुर 15 जून 2016:- किसी भी प्रकार की आपदा के समय सम्बंधित अधिकारी पूर्ण सजगता , तत्परता तथा कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि कम से कम नुक्सान हो। ये दिशा-निर्देश उपायुक्त बिलासपुर मानसी सहाय ठाकुर ने स्थानीय बचत भवन में आज आयोजित आपदा प्रबंधन को सुचारू करने में अधिक समय व्यय न हों प्राधिकरण , पूर्व मानसून, 2016 के संदर्भ में आयोजित की गई बैठक में देते हुए क्हा कि अधिकारी उन संवेदनशील स्थलों को चिन्हित करें जिनमें मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा के आने की ज्यादा संभावना हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि भारी बर्षा से ल्हासे गिरने के उपरांत अबरूद्ध होने वाली संभावित सड़कों को चिन्हित करके चेतावनी बोर्ड लगवाएं तथा उनके समीप आवश्यक मशीनरी तथा उपकरण कामगारों का प्रबंधन भी सुनिश्चित बनाएं ताकि आपदा के समय अबरूद्ध मार्गों

उपायुक्त ने बीबीएमबी तथा कोल डैम के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आपातकालीन समय में आवश्यक परिस्थितियों में पानी छोड़ने से पहले सम्बंधित एसडीएम को दूरभाष पर सूचित करना सुनिश्चित बनाएं तथा ेकिसी भी समय जल की निकासी से पूर्व हूटर द्वारा लोगों को अनिवार्य रूप से सचेत करें। उन्होंने एसडीएम, नगर परिषद, नगर पंचायत व ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वे खडडों-नालों तथा संभावित खतरे वाले स्थानों पर अस्थाई रूप से कालोनियां बनाकर रह रहे प्रवासी परिवारों को दस दिन के भीतर चिन्हित करके उन्हें वहां से हटाएं ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से समय रहते बचा जा सके।

उपायुक्त ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी मानसून से पूर्व खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करवाएं तथा स्थानीय स्तर पर पेयजल स्त्रोतों की सफाई करवाना भी सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान लोगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें ताकि किसी भी प्रकार के जलजिनत रोगों से बचा जा सके। उन्होंने सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों व पटवारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने कार्य क्षेत्र में घटित होने वाली किसी भी छोटी से छोटी आपदा अथवा घटना व नुक्सान की जानकारी तत्परता से सम्बंधित उपमंडलाधिकारी (नागरिक) को उपलब्ध करवाएं ताकि उसकी सूचना समय पर सरकार तक पहुंचाई जा सके।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे स्थित ढाबों एवं होटलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तथा व्यापक साफ-सफाई का नियमित रूप से निरीक्षण करें तथा आपदा के समय प्रयोग में लाई जाने वाली आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों को अपने क्षेत्राधिकार के स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करवाएं।

उपायुक्त ने खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को आदेश दिए कि वे सुनिश्चित बनाएं कि मानसून से पूर्व उनके गोदामों में पर्याप्त मात्रा में खाद्य पदार्थ उपलब्ध रहें। इस अवसर पर पुलिस , गृह रक्षा, जिला ग्रामीण विकास अभीकरण, कृषि एवं बागवानी विभाग, वन विभाग, नगर परिषद तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग व अन्य सम्बंधित विभागों को आपदाओं के समय विभागीय भूमिकाओं के सम्बंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राहुल नाथ, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डा0 चांद प्रकाश शर्मा, एसडीएम सदर डा0 हरीश गज्जू, एसडीएम घुमारवीं अदित्य नेगी, जिला राजस्व अधिकारी कविता ठाकुर के अतिरिक्त अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे

 

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