योग, क्रिकेट और कुदरत के समन्वय से धर्मशाला को पर्यटन जगत में लगेंगे पंख
धर्मशालाः बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने तथा भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी हरभजन सिंह ने  सभी क्रिकेट खिलाड़ीयांे को योग अपनाने के लिये आवाहन किया है। इसके बाद यहां पर विदेशी व स्थानीय योग संस्थाओं ने इस पर्यटन नगरी में योग प्रचार की संभावानाओं को तलाशना जारी कर दिया है। धर्मशाला में पहले से ही कुछ वेलनेस सेंटरस को विदेशी लोंगो द्वारा चलाया जा रहा है जहां पर डिपरेशन व कई प्रकार के अन्य रोगों का उपचार किया जा रहा है। विदेशी मूल के लोग भारतीयों से इसके कोई भी पैसे नहीं लेते कयोंकि उनका मानना है कि यह योग विघा भारत की ही विश्व को देन है।
वहीं पर्यटन से जुडें लोंगो का कहना है कि यदि ऐसा वास्तविक रूप में हो जाता है तो इससे न केवल यहां पर आने वाले पर्यटकों के रूकने की अवधि में इजाफा होगा ब्लकि और भी विदेशी मूल के लोग जो सिर्फ दलाई लामा के लिये यहां आते हैं उनसे भी इस पर्यटन नगरी को एक नया रिशता बनाने में सहयोग मिलेगा।
सिद्वयोग की संस्था से स्वामी विजय पुरी का कहना था कि क्रिकेट स्टेडियम में योग दिवस के बाद हरभजन सिंह तथा अन्य कई नामी गिरामी हस्तीयों ने उनसे सम्पर्क किया था तथा इस विघा को जानने के लिये और भी जिज्ञाया प्रकट की थी। उन्होने कहा कि वह अपनी तरफ से इस कार्य में हर संभव सहयोग देने के लिये त्यार है तथा क्रिकेट जगत के इलावा धर्मशाला में और भी कहीं पर ऐसे आयोजन करने पडें तो वह उसमें सहयोग देंगे। उन्होने कहा कि योग के लिये उनकी संस्था सन 1976 से कार्यरत है तथा पूरे देश व विदेशों में उनके कार्यक्रम किये जाते है। जिसमें कई जगह सरकारें व निजी समाजसेवी संस्थायें इसका अयोजन करती हैं।
मकलोडगंज में अब दलाई लामा ने अपनी मुख्य टीचिंगस को बंद कर दिया है तथा यहां पर कोई भी टींचिग दो या तीन दिन से ज्यादा की नहीं होती। ऐसे में यदि योग को भी पर्यटन के साथ जोड दिया जाये तो इसमें काफी इजाफा हो सकेगा। पिछले कुछ समय में यहां पर विदेशी लोंगो की तादाद में भी कमी आई है तथा डोमेसटिक टुरिस्ट बड़ गया है। लेकिन उनके रूकने की अवधि में कमी आई है। यदि प्रशासन तथा अन्य संस्थायें यहां पर कोई इस प्रकार के आयोजन करती है तो पर्यटकों को लुभाया जा सकता है तथा कुदरत की धर्मशाला को दी हुई देन का भी भरपूर फायदा उठाया जा सकता है।

 

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